
श्रीलंका में आर्थिक संकट के बीच हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश को आर्थिक बदहाली की आग में झोंक कर भाग गए हैं, जिसके बाद देश में इमरजेंसी लगा दी गई है।
इस खबर के बाद प्रदर्शनकारियों में काफी गुस्सा है। वहीं प्रदर्शनकारी श्रीलंका प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही, संसद पर भी धावा बोल दिया है। विरोध-प्रदर्शन के चलते श्रीलंका के प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
भारी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। उग्र भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस छोड़ी गई है। प्रदर्शनकारियों ने सेना की गाड़ी को भी रोक दिया है। गुस्साए प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।
वहीं श्रीलंका में विदेश मंत्रालय के पूर्व सलाहकार हरीम पीरिस ने कहा, “जब प्रदर्शनकारी यहां आ रहे थे तब उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए। प्रदर्शनकारी अब प्रधानमंत्री के आवास के प्रवेश द्वार की ओर जा रहे हैं, स्पेशल फोर्स, आर्म्ड फोर्स को भी सड़कों पर उतार दिया गया है। हमें उम्मीद है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के ऊपर हथियार नहीं उठाए जाएंगे, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो वह कानून का घोर उल्लंघन होगा।”
बता दें कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कुछ दिनों पहले एलान किया था कि वो 13 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। लेकिन बवाल के बीच राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर फरार हो गए। बुधवार तड़के उन्होंने श्रीलंका से मालदीव के लिए उड़ान भरी और मालदीव पहुंच गए। श्रीलंका के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी पुष्टि की है कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश छोड़ दिया है। राष्ट्रपति के रूप में, राजपक्षे को गिरफ्तारी से छूट प्राप्त थी। माना जा रहा है कि वो इस्तीफे के बाद गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए देश छोड़कर भाग गए।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने इमिग्रेशन अधिकारी के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और दो सुरक्षाकर्मी श्रीलंका वायुसेना के विमान में सवार होकर मालदीव की राजधानी माले निकल गए।
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