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हमास ने गाजावासियों की घर वापसी को 'जीत' बताया, कहा- इजरायल फिर मकसद में नाकाम हुआ

हमास ने कहा कि जिन क्षेत्रों से फिलिस्तीनियों को जबरन विस्थापित किया गया था, वहां वापस लौटना उनकी अपनी भूमि से उनके जुड़ाव को दर्शाता है। एक बार फिर 'लोगों को विस्थापित करने और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को तोड़ने का मकसद हासिल करने में इजरायल नाकाम रहा।

हमास ने गाजावासियों की घर वापसी को 'जीत' बताया, कहा- इजरायल फिर मकसद में नाकाम हुआ
हमास ने गाजावासियों की घर वापसी को 'जीत' बताया, कहा- इजरायल फिर मकसद में नाकाम हुआ फोटोः IANS

करीब 15 महीने की जंग के बाद इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते के तहत सोमवार सुबह से हजारों गाजावासियों ने अपने घर लौटना शुरू कर दिया। हमास ने इस वापसी को फिलिस्तीनियों की 'एक जीत' बताया। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमास के सहयोगी, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद ने कहा कि यह “उन सभी लोगों के लिए एक जवाब है जो हमारे लोगों को विस्थापित करने का सपना देखते हैं।”

सोमवार की सुबह, फिलिस्तीनी अपने सामान को बोरियों और प्लास्टिक की थैलियों में पकड़े हुए नेत्जारिम कॉरिडोर के माध्यम से पैदल ही उत्तर की ओर बढ़ने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक एक बयान में, हमास ने कहा कि जिन क्षेत्रों से फिलिस्तीनियों को जबरन विस्थापित किया गया था, वहां वापस लौटना उनकी अपनी भूमि से उनके जुड़ाव को दर्शाता है। एक बार फिर 'लोगों को विस्थापित करने और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को तोड़ने का मकसद हासिल करने में इजरायल नाकाम रहा।"

युद्ध के शुरुआती दिनों में, इजरायली हमलों की वजह से उत्तरी गाजा से लगभग 1.1 मिलियन लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। इससे पहले इजरायल ने हजारों विस्थापित फिलिस्तीनियों को अपने घर लौटने से रोक दिया था। शनिवार रात से बड़ी संख्या में गाजावासी सड़कों पर उतर आए और गाजा जाने का इंतजार कर रहे थे। घर जाने की कोशिश में कर रहे एक फिलिस्तीनी युवक इजरायली बलों ने गोली मार कर हत्या कर दी जबकि कुछ अन्य लोग घायल हो गए थे।

यह पूरा विवाद दरअसल इजरायली नागरिक अर्बेल येहुद की रिहाई को लेकर पैदा हुआ। शनिवार को जब दूसरी बार कैदियों की अदला बदला हुई तो लगा कि घटनाक्रम युद्धविराम समझौते की शर्तों के मुताबिक ही घट रहा है लेकिन अचानक इजरायल की एक घोषणा ने सबकुछ बदल दिया। हमास ने शनिवार को चार इजरायली महिला सैनिकों को रिहा किया, बदले में इजरायल ने 200 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया। इसके बाद इजरायल ने ऐलान किया कि वह गाजावासियों को उत्तरी गाजा पट्टी में तब तक प्रवेश नहीं करने देगा, जब तक कि नागरिक अर्बेल येहुद की रिहाई के लिए व्यवस्था नहीं हो जाती।

मीडिया रिपोर्ट के मतुाबिक येहुद को शनिवार की रिहाई सूची में शामिल किया जाना था। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उसका नाम क्यों छोड़ दिया गया। वहीं हमास ने दावा किया कि येहूद जीवित है और उसे अगले शनिवार को रिहा किया जाएगा। इजरायल के अनुसार, हमास ने सभी जीवित नागरिक महिला बंदियों से पहले महिला बंधक सैनिकों को रिहा करके समझौते का उल्लंघन किया है।

इसके बाद इजरायल ने रविवार रात घोषणा की कि गाजा में हमास के साथ युद्धविराम और बंधक समझौते पर विवाद सुलझ गया है। हमास इस हफ्ते दो बैचों में छह बंधकों को रिहा करेगा। वहीं यहूदी राष्ट्र ने सोमवार सुबह से नेत्जारिम कॉरिडोर के जरिए सैकड़ों हज़ारों विस्थापित गाजावासियों को अपने घर लौटने की अनुमति दे दी। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसा नागरिक अर्बेल येहुद, सैनिक अगम बर्गर और एक अन्य बंधक को गुरुवार को रिहा किया जाएगा, जबकि तीन अन्य बंधकों को शनिवार को रिहा किया जाएगा।

7 अक्टूबर 2023 इजरायल में हमास के बड़े हमले के जवाब में यहूदी राष्ट्र ने फिलिस्तीनी ग्रुप के कब्जे वाले गाजा पट्टी में सैन्य अभियान शुरू किया था। हमास के हमले में करीब 1200 लोग मारे गए थे जबकि 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया था। इजरायली हमलों ने गाजा में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और हजारों फिलिस्तीनियों की मौत हुई। इजरायली हमलों के कारण गाजा के 2.3 मिलियन निवासियों में से लगभग 90 प्रतिशत विस्थापित हो गए। कुछ को कई बार स्थानांतरित होना पड़ा।

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