
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को बर्बाद करने और उसे कमजोर करने के दावे पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध में शुक्रवार को कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जबकि बचाव अभियान में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले की चपेट में आ गए हैं।
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ईरानी मीडिया की तरफ से कुछ तस्वीरें जारी की गई हैं और दावा किया गया है कि कुवैत स्थित 'कैंप बुहरिंग' पर हुए ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना का एक 'बोइंग सीएच-47 चिनूक' भारी-भरकम हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जानकारी के मुताबिक, एक अमेरिकी एफ-15ई लड़ाकू विमान ईरान के भीतर सैन्य अभियान के दौरान क्रैश हो गया। इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है और उसके ईरान में कहीं छिपे होने की आशंका है।
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ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा पांच सप्ताह पहले शुरू किए गए युद्ध के दौरान यह पहली बार है जब संघर्ष में अमेरिकी विमानों को गिराया गया। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि जिस इलाके में विमान गिरा, वहां ईरानी बल लापता अमेरिकी सैनिक की तलाश कर रहे हैं। इससे दो दिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ‘‘ईरान को हरा दिया है और उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया है और हम अपने काम को बहुत तेजी से पूरा करने जा रहे हैं।’’
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अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना अभी भी ईरान के बड़े हिस्से में हवाई बढ़त बनाए हुए है और अब तक 12,300 से ज्यादा लक्ष्यों पर हमला किया जा चुका है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ और अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन दोनों ने ही दुर्घटनाग्रस्त विमानों के बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी जारी नहीं की।
‘एनबीसी न्यूज’ के साथ टेलीफोन पर कुछ देर के साक्षात्कार में ट्रंप ने खोज और बचाव प्रयासों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि इस घटना का ईरान के साथ वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, बिल्कुल नहीं। इसका बातचीत पर असर नहीं पड़ेगा। नहीं, यह युद्ध है।’’
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इसके अलावा, ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि ईरानी रक्षा बलों द्वारा हमला किए जाने के बाद फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ए-10 हमलावर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने संवेदनशील सैन्य स्थिति पर चर्चा करते हुए पहले कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे मार गिराया गया या इसमें ईरान की कोई भूमिका थी। चालक दल की स्थिति और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का सटीक स्थान भी तुरंत ज्ञात नहीं हो सका।
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इन घटनाओं को मौजूदा संघर्ष में अमेरिकी चालक दल वाले विमानों के पहले स्पष्ट नुकसान के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले 19 मार्च को ईरान के ऊपर एक मिशन के दौरान एफ-35 विमान को नुकसान पहुंचा था, जिसमें पायलट को कुछ चोट आई थी, लेकिन वह विमान सुरक्षित आपात लैंडिंग करने में सफल रहा।
इसके अलावा 2 मार्च को कुवैत के ऊपर तीन एफ-15ई विमान "फ्रेंडली फायर" की चपेट में आकर मार गिराए गए थे, जिसमें चालक दल के सभी छह सदस्य सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में सफल रहे थे। एक अन्य घटना में, केसी-135 टैंकर विमान पश्चिमी इराक में हवा में टक्कर के बाद गिर गया, जिसमें छह सैनिकों की मौत हो गई।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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