नेपाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने कई इलाकों के लिए नया बाढ़ अलर्ट जारी किया है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बताया जा रहा है कि 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई थी। इस आपदा में नेपाल और तिब्बत में अब तक 1,003 लोगों की मौत की खबर है। इनमें नेपाल में 987 और तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। नेपाल के चितवन जिले में सबसे ज्यादा 321 शव बरामद किए गए हैं, जबकि 4,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने मंगलवार को देश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर चेतावनी जारी की। प्राधिकरण ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।
प्राधिकरण के मुताबिक, नुवाकोट और रसुवा में अचानक बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा है। इन जिलों की छोटी नदियों और जलधाराओं में जलप्रवाह बढ़ने की आशंका जताई गई है।
वहीं, ताप्लेजुंग, संखुवासभा, सोलुखुम्बु, खोटांग, ओखलढुंगा, रामेछाप, दोलखा, सिंधुपालचोक, काभ्रेपलांचोक, ललितपुर, भक्तपुर, काठमांडू और धादिंग समेत पूर्वी और मध्य नेपाल के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का मध्यम स्तर का खतरा बताया गया है।
पश्चिमी नेपाल के गोरखा, लमजुंग, डोल्पा, रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम, जाजरकोट, दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधुरा, डोटी, कैलाली और कंचनपुर जिलों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए NDRRMA ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की अपील की है।
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