
नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन तबाही का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा। नेपाल पुलिस की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,290 हो गई है। प्रभावित इलाकों में राहत और तलाश अभियान बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है, जबकि 4,798 लोग अब भी लापता बताए गए हैं।
नेपाल पुलिस के अपडेट के मुताबिक, बरामद शवों में 34 बच्चे, 45 बच्चियां, 250 महिलाएं और 426 पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा 532 आंशिक अवशेष भी बरामद किए गए हैं, जबकि 2 लोगों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान की भी है। अब तक 1,141 शवों की पहचान नहीं हो सकी है, जबकि 916 शवों को दफना दिया गया है।
मृतकों की पहचान में मदद के लिए मेडिकल टीमों ने अब तक 1,862 डीएनए सैंपल जुटाए हैं। इनमें 1,143 सैंपल मृतकों से और 719 उनके परिजनों से लिए गए हैं। इस प्रक्रिया के जरिए अज्ञात शवों की पहचान करने की कोशिश जारी है।
आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान बड़े स्तर पर जारी है। नेपाल पुलिस के 7,932 जवानों को 65 प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। हालांकि अभियान के बीच 25 पुलिसकर्मी अब भी संपर्क से बाहर हैं। बचाव दलों ने अब तक 8,127 लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें मदद पहुंचाई है।
बाढ़ से बचे 3,631 लोग फिलहाल अस्थायी आश्रय के लिए होल्डिंग सेंटरों में रह रहे हैं। वहीं लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। अधिकारियों के सामने चुनौती इसलिए भी बड़ी है क्योंकि कुल 4,798 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें 2,847 नागरिक और 601 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
भोटेकोशी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान के साथ लोगों को आपदा से जुड़ी जानकारी देने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों ने अब तक 106 जन-जागरूकता सत्र आयोजित किए हैं। इन अभियानों के जरिए कुल 41,726 लोगों तक पहुंच बनाई गई है।
प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तलाश, राहत, पहचान और पुनर्वास से जुड़े कामों को आगे बढ़ा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और अब भी कई शवों की पहचान नहीं हो पाने के कारण चुनौती बनी हुई है।
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