
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और यमन के बीच स्थिति और गंभीर होती दिख रही है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से मक्का शहर की तरफ ड्रोन भेजे जाने की कोशिश का सऊदी अरब ने दावा किया है। सऊदी प्रशासन के मुताबिक, ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन घटना के बाद मक्का शहर को अलर्ट पर रखा गया। दावा किया जा रहा है कि मक्का में पहली बार इस तरह का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है।
सऊदी सिविल डिफेंस ने ड्रोन हमले की कोशिश के बाद मक्का शहर के लिए चेतावनी जारी की। बयान में लोगों से प्रशासन की ओर से दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने और शांत रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि हमले की स्थिति में लोग आसपास की सुरक्षित जगह पर चले जाएं और खतरा पूरी तरह टलने तक बाहर न निकलें। लोगों से अपने घरों या इमारतों से बाहर नहीं आने को भी कहा गया है।
इस बीच यमन में हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ लड़ाई का एक वीडियो जारी किया है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। हालिया संघर्ष में करीब 500 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, 3 से 9 सितंबर के बीच 43 बच्चों के मारे जाने या घायल होने की बात सामने आई है।
संघर्ष बढ़ने के बाद यमन में करीब 94 हजार लोग अपने घर छोड़ चुके हैं। इनमें से 2 हजार से ज्यादा लोग समुद्र के रास्ते जिबूती पहुंचे हैं। लगातार बढ़ती हिंसा के बीच बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजरानी के लिए भी खतरा बढ़ गया है। इससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
मध्य पूर्व में पहले ईरान और अमेरिका के बीच हुए भयंकर युद्ध के बाद अब सऊदी अरब और यमन के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्र के लिए एक और चुनौती बन गया है। यमन में हिंसा बढ़ने, बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापित होने और समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ने के बीच देश के दोबारा लंबे गृहयुद्ध की ओर लौटने की आशंका गहराती जा रही है। मक्का की ओर ड्रोन पहुंचने की घटना ने इस तनाव को और गंभीर बना दिया है।
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