
ताइवान के पूर्वी काउंटी ताइतुंग में शनिवार रात से जारी भूकंप के झटकों की श्रंख्ला के बाद रविवार सुबह आए भीषण भूकंप से भारी तबाही हुई है। ताइतुंग में शनिवार रात 9:41 बजे 6.5 तीव्रता का पहला भूकंप आया, उसके बाद रविवार सुबह तक यहां छोटे-बड़े 47 झटके महसूस किए गए। इस दौरान सबसे आखिर में आए 6.8 और फिर 7.2 तीव्रता के भूकंप के बाद ताइवान में काफी तबाही हुई है। आखिरी वाले भूकंप की तीव्रता को देखते हुए जापान ने सुनामी अलर्ट जारी कर दिया है।
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भूंकप के बाद ताइवान के मौसम ब्यूरो ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी इलाके के ताइतुंग काउंटी में भूकंपों का केंद्र है। शनिवार को इसी इलाके में 6.4 तीव्रता का पहला भूकंप आया था, फिर रविवार की सुबह 6.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद इसी जगह पर दोपहर में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र ताइतुंग की सतह से 10 किलोमीटर जमीन के अंदर था।
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7.2 तीव्रता के भूकंप के बाद इलाके में भारी तबाही मची है। ताइवान में कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं। पुल गिर गए हैं। कई ट्रेनें पटरयों से उतर गई हैं और पलट गई हैं। यूली में एक कई मंजिला स्टोर के गिरने से उसमें चार लोग दब गए। उन्हें निकालने का प्रयास जारी है। वहीं सड़क पुल के टूटने की वजह से कई गाड़ियां नीचे गिर गईं। कई रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेनें पटरी से उतर गईं। कुछ ट्रेनें पलट गईं। डोंगली स्टेशन की छत गिर गई।
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भीषण तीव्रता के भूकंप के तीनों झटकों को पूरे ताइवान में महसूस किया गया। राजधानी ताइपे में भी कई इमारतें झूलती रहीं। कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त भी हुई हैं। ताइतुंग के आसपास के कई शहरों में दीवारों के गिरने, बिजली पोल के उखड़ने, मकानों में दरार आने, पानी के पाइप फटना और छतों के ढह जाने की खबर है।
अमेरिका स्थित यूएस पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने इन भूकंपों के बाद ताइवान में सुनामी का अलर्ट जारी किया है। उधर, जापान के मौसम विभाग ने भी 3.2 फीट ऊंची लहरों वाली सुनामी की चेतावनी जारी की है। क्योंकि ताइवान में आए भूकंप का आखिरी झटका काफी तगड़ा था, जिसका असर जापान में भी देखा गया।
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बता दें कि ताइवान रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में पड़ता है। भौगोलिक रूप से यह इलाका ऐसी जगह है, जहां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं। सुनामी और ज्वालामुखी विस्फोट का खतरा भी रहता है। ताइवान दो टेक्टोनिक प्लेटों के एकदम नजदीक स्थित है। इन दोनों में किसी तरह की हलचल होने पर ताइवान में भूकंप और सुनामी दोनों का खतरा होता है।
इससे पहले भी ताइवान में कई भीषण भूकंप आ चुके हैं, जिनमें भारी तबाही मचने के साथ ही कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इससे पहले साल 1999 में आए 7.3 तीव्रता के भूकंप में 2000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके बाद साल 2016 में आए भीषण भूकंप में ताइवान में 100 लोगों की मौत हुई थी।
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