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मिडिल ईस्ट में तनाव: तेहरान ने दिया अमेरिका का जवाब, जॉर्डन-बहरीन में मिलिट्री बेस पर हमला, कई US सैनिक मारने का दावा

IRGC के मुताबिक, जॉर्डन में स्थित कैंप टिटिन पर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। ईरानी मीडिया संस्था तस्नीम ने IRGC के हवाले से बताया कि हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब खाड़ी क्षेत्र में भी गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों ने जॉर्डन के अकाबा के पास स्थित एक अमेरिकी मरीन कैंप को निशाना बनाया। ईरान ने इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है।

अमेरिकी मरीन कैंप पर मिसाइल हमले का दावा

IRGC के मुताबिक, जॉर्डन में स्थित कैंप टिटिन पर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। ईरानी मीडिया संस्था तस्नीम ने IRGC के हवाले से बताया कि हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। ईरानी दावे में यह भी कहा गया है कि हमले के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचा और अमेरिकी हमलावर हेलीकॉप्टर नष्ट हुए।

बहरीन में भी अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा

ईरानी मीडिया ने बहरीन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले का भी दावा किया है। इस बीच, अमेरिकी सेना का कहना है कि वह ईरान के उन ठिकानों को निशाना बना रही है, जिनका संबंध कथित तौर पर शिपिंग को निशाना बनाने की कोशिशों से है।

'कूटनीति के जरिए आत्मसमर्पण नहीं करेगा ईरान'

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण है। एक वीडियो में गालिबाफ ने कहा कि पहले हर 24 घंटे में कम से कम 120 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते थे। उनके मुताबिक, अगर अब कुछ रातों में केवल दो या तीन जहाज ही इस रास्ते से गुजर पा रहे हैं, तो यह भी इस बात का संकेत है कि जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण है।

गालिबाफ ने आरोप लगाया कि हाइब्रिड युद्ध के जरिए ईरान के भीतर अशांति और अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति के माध्यम से ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन उनका देश ऐसा कभी स्वीकार नहीं करेगा।

पहले अमेरिका ने किया हमला

यह पूरा टकराव तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास IRGC के ठिकानों पर हमला किया। CENTCOM ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय समयानुसार शाम को शुरू हुई और यह ईरान की तरफ से कमर्शियल जहाजों और वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुई कोशिशों के जवाब में की गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह ईरान के होर्मुज में समुद्री माइनें बिछाने की नाकाम कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमले का जवाब है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने फिर पलटवार किया तो उसे और भी सख्त और बड़े स्तर पर जवाब मिलेगा, हालांकि यह अब तक का सबसे बड़ा हमला नहीं होगा, असली बड़ा हमला अभी बाकी है।

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