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होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, ईरान का दो टूक, 'अपना वादा निभाइए, वरना कीमत चुकाइए'

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘ईरान ने गलत विकल्प चुना। अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।’’ वही ईरान की संसद के अध्यक्ष ने लिखा, ‘‘एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। हमने आपसे कहा था, अपना वादा निभाइए, वरना कीमत चुकाइए।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमले के जवाब में रविवार तड़के ईरान पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाकर हमले किए।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गयी और उसके चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा।

ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई जंग को हमेशा के लिए खत्म करने के वास्ते आगे की बातचीत में यह जलडमरूमध्य मुख्य अड़चन बन गया है।

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि उसने ईरान के करीब 140 ठिकानों पर हवाई हमले करने के बाद अपनी हालिया सैन्य कार्रवाई का यह चरण पूरा कर लिया है। उसने कहा कि निशाना बनाए गए ठिकानों में मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण और अन्य केंद्र शामिल थे।

सेंटकॉम ने बताया कि इन हमलों ने ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले असैन्य नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को लगातार कमजोर किया है।’’

फारस की खाड़ी में नई झड़पें तब हुई हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान युद्ध को लेकर एक अंतरिम समझौता ‘‘खत्म’’ हो गया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘ईरान ने गलत विकल्प चुना। अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।’’ ईरान की संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकारों में शामिल मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने इस पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। हमने आपसे कहा था—अपना वादा निभाइए, वरना कीमत चुकाइए। अब हकीकत दरवाजे पर दस्तक दे रही है।’’

अमेरिका ने पिछले एक सप्ताह में ईरान को निशाना बनाकर तीन दौर के हवाई हमले किए हैं। ये हमले ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में किए गए। ये जहाज ऐसे मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसका उद्देश्य ईरान के क्षेत्रीय जल से बचते हुए जलडमरूमध्य से गुजरना था।

इसके जवाब में तेहरान ने क्षेत्र के उन देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य बल तैनात हैं। साथ ही ईरान ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर केवल उसका नियंत्रण होना चाहिए और वहां से गुजरने वाले जहाजों से वह संभावित रूप से शुल्क भी वसूल सकता है।

कतर की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने ईरान की ओर से किए गए हमलों को नाकाम कर दिया है। वहीं, पड़ोसी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमलों को नाकाम किए जाने के दौरान गिरे मलबे और छर्रों की चपेट में आने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए।

कुवैत की सेना ने भी कहा कि वह देश को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को नाकाम कर रही है।

इस बीच, फारस की खाड़ी में स्थित द्वीपीय देश बहरीन में रविवार को तीसरी बार मिसाइल हमले की चेतावनी के सायरन बजे। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है।

वहीं, ओमान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित कुछ ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए। यह क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे स्थित है। ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने इसकी जानकारी दी है।

ईरान ने इससे पहले भी ओमान पर हमले करने का दावा किया था, लेकिन ओमान ने उन हमलों की पुष्टि नहीं की थी। यह हमला ऐसे वक्त हुआ, जब दोनों देशों ने शनिवार को बातचीत की थी।

संयुक्त अरब अमीरात में किन स्थानों को निशाना बनाया गया, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। ईरान के हालिया दौर के हमलों में अब तक उसे निशाना नहीं बनाया गया था।

संयुक्त अरब अमीरात पर इससे पहले मई में हमला हुआ था, जब एक ड्रोन के कारण देश के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहरी हिस्से के पास आग लग गई थी।

ईरान ने अन्य स्थानों पर भी हमले करने के कई दावे किए, हालांकि इनकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।

सेंटकॉम ने रविवार सुबह कहा कि साइप्रस के ध्वज वाले एक कंटेनर जहाज को ईरान ने निशाना बनाया, जिससे उसके ‘‘इंजन कक्ष को काफी नुकसान’’ पहुंचा और चालक दल का एक असैन्य सदस्य लापता है।

ब्रिटिश सेना की निगरानी में काम करने वाले ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ केंद्र ने बताया कि ईरान के हमले की चपेट में आए साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर पोत में आग लगने के बाद चालक दल ने उसे छोड़ दिया है। जहाज़ ओमान के तट के साथ-साथ बने रास्ते पर चल रहा था।

ईरान के अर्द्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि कई जहाजों ने ‘‘मार्ग बदलने और स्वीकृत रास्ते से आगे बढ़ने संबंधी हमारी चेतावनियों और निर्देशों की अनदेखी की।’’

उसने कहा कि इनमें से एक जहाज ‘‘चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोली की चपेट में आ गया और उसे रोक दिया गया।’’

ईरान ने कहा कि जलडमरूमध्य ‘‘अगली सूचना तक’’ बंद रहेगा। उसने यह भी कहा कि यदि उस पर और हमले किए गए तो वह ‘‘क्षेत्र में दुश्मन के अतिरिक्त ठिकानों’’ को निशाना बनाने पर विचार करेगा।

ईरान के सरकारी मीडिया ने देश के कई हिस्सों में अमेरिकी हमलों की खबर दी। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य के सबसे निकट स्थित दक्षिणी ईरान का एक प्रांत और तेहरान के पास स्थित एक प्रांत में सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं।

हमलों का यह ताजा दौर शनिवार को ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हुई बैठक के बाद सामने आया। इससे पहले कई दिनों तक ईरान ने जहाजों पर हमले किए और अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे युद्ध समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को बड़ा झटका लगा।

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