
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को एक समारोह के दौरान हजारों साल पुरानी ईरानी सभ्यता और ईरानी लोगों के हौसले की तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी से युद्ध या टकराव की कोशिश नहीं कर रहा, लेकिन अगर ईरान पर युद्ध थोपा गया, तो देश अपना बचाव पूरी मजबूती से करेगा।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को तेहरान में राष्ट्रीय कौशल सप्ताह और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं तकनीकी-व्यावसायिक प्रशिक्षण दिवस के कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति आरिफ ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकतें अपने किसी भी मकसद में कामयाब नहीं हो सकीं।
उन्होंने इसे हजारों साल पुरानी सभ्यता वाले ईरानी लोगों के हौसले और मजबूती का नतीजा बताया। आईआरएनए के अनुसार, उन्होंने कहा, "हम युद्ध या टकराव नहीं चाहते। हम बातचीत के जरिए समस्याओं और मतभेदों का हल निकालना चाहते हैं। लेकिन, अगर हम पर युद्ध थोपा गया, तो हम अपना बचाव पूरी ताकत से करेंगे।"
आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, आरिफ ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकतों ने क्षेत्र के कुछ अरब देशों के संसाधनों के सहारे नई बनी इस्लामिक रिपब्लिक पर आठ साल का युद्ध थोप दिया था। उनका इशारा 1980 के दशक में इराक के तत्कालीन शासक सद्दाम हुसैन की ओर से ईरान से किए गए आठ साल लंबे युद्ध की ओर था।
उन्होंने कहा कि उस युद्ध का नतीजा सबने देखा, लेकिन इसके बावजूद उनसे कोई सबक नहीं लिया गया।
दक्षिण-पश्चिमी जापान में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। जापान की मौसम एजेंसी ने बताया कि अरियाके और यत्सुशिरो समुद्र के लिए सुनामी संबंधी चेतावनी जारी की गई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, लोगों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज शाम लगभग 4:27 बजे, कुमामोटो प्रीफेक्चर के कुमामोटो क्षेत्र में आए भूकंप की अधिकतम तीव्रता जापानी भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर 7 दर्ज की गई। यह तीव्रता उकी शहर और हिकावा टाउन में दर्ज की गई। इस भूकंप के बाद अरियाके सागर और यात्सुशिरो सागर के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। लगभग 1 मीटर ऊंची सुनामी आने की आशंका है। सभी लोगों से अपील है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें और समुद्र तटों से तुरंत दूर चले जाएं।"
उन्होंने लिखा, "भूकंप के तुरंत बाद सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय के संकट प्रबंधन केंद्र में एक आपदा प्रबंधन कार्यालय स्थापित किया और संबंधित मंत्रालयों एवं एजेंसियों के महानिदेशक स्तर के अधिकारियों की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम की बैठक बुलाई। सरकार अपनी पूरी क्षमता के साथ नुकसान का आकलन करने तथा बचाव, राहत और अन्य आपातकालीन आपदा प्रबंधन कार्यों को लागू करने में जुटी हुई है।'
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की स्थानीय समयानुसार मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात में यूक्रेन के खिलाफ चल रहे रूसी हमले और ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई मुख्य फोकस रहेंगे।
यह मीटिंग तब हो रही है जब खबर है कि यूक्रेन ने पिछले हफ्ते में कैस्पियन सागर में ईरान से जुड़े जहाजों पर लंबी दूरी के हमले किए, जिनके बारे में जेलेंस्की ने दावा किया कि वे ईरान से जुड़ा मिलिट्री कार्गो ले जा रहे थे।
तेहरान ने कन्फर्म किया कि हमले में उसके एक जहाज में धमाका हुआ, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई और कई दूसरे घायल हो गए। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने चेतावनी दी कि यूक्रेन की हरकतें खतरनाक हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यूक्रेन के इस हमले को ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता है।
कीव के अनुसार, दोनों झगड़ों में एक आम बात रूस है, जो उत्तरी ईरान से कैस्पियन सागर में अजरबैजान को बायपास करते हुए सिर्फ एक छोटे समुद्री रास्ते से या जमीन पर अजेरी इलाके की 250 किलोमीटर (155 मील) की पट्टी से अलग है।
अमेरिका के सियासी गलियारे की हलचल तेज रहने वाली है। एक तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ट्रंप से मुलाकात करने के लिए वाशिंगटन पहुंचे हुए हैं, दूसरी तरफ यूक्रेनी प्रेसिडेंट भी अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा, 4 अगस्त तक रोम में इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में अगले राउंड की बैठक हो सकती है।
बातचीत दक्षिणी लेबनान में एक पायलट जोन को बढ़ाने, बाकी सीमा विवादों को सुलझाने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हस्ताक्षर किए गए फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू करने पर केंद्रित होगी।
अमेरिकी राज्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "हम दक्षिणी लेबनान में पहले पायलट जोन के सफल लॉन्च और पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप के साथ प्रेसिडेंट औन की अच्छी मीटिंग के बाद इन बातचीत में काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।"
रोम में होने वाली इस बैठक में इजरायल और लेबनान के तकनीकी समूह एक साथ आएंगे। अमेरिका दोनों देशों के बीच बातचीत करवा रहा है।
अधिकारी ने कहा, "रोम में, तकनीकी समूह फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर फोकस करेंगे। इसमें पायलट जोन प्रोसेस को बढ़ाना, सभी बाकी सीमा मामलों को सुलझाना और एक बड़े शांति और सुरक्षा समझौते पर काम करना शामिल है।"
भारत सीमा से लगे नेपाल के सुनसरी जिले के कुछ हिस्सों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। जिले में सांप्रदायिक हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे, जिसके बाद से वहां तनाव बरकरार है।
जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) सुनसरी ने बताया कि मंगलवार को कई इलाकों में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
डीएओ की ओर से जारी सूचना के अनुसार, हरिनगर और देवगंज ग्रामीण नगरपालिकाओं के पूरे क्षेत्र में प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जबकि हरिनगर, भुटाहा, कप्तानगंज, घुस्की और देवानगंज के पांच बाजार क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रैलियों, प्रदर्शनों, सार्वजनिक बैठकों, धरने और चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है।
जिले में प्रतिबंध सोमवार को पहली बार लगाए गए थे, जब रविवार को कप्तानगंज क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी।
पुलिस के मुताबिक, दो धार्मिक समुदायों के जश्न के दौरान हुए विवाद के बाद आपस में भिड़े समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सुरक्षाकर्मियों समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान के हमले रुकने के बाद मध्यस्थों ने दोनों देशों को एक बार फिर बातचीत की मेज पर लाने की दिशा में प्रगति हासिल की है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने स्वयं आगे बढ़कर बातचीत की पेशकश की है, ‘‘क्योंकि हम उन पर बहुत जोरदार हमला कर रहे हैं।’’ हालांकि, ईरान का कहना है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो रही है।
ट्रंप ने सोमवार को राष्ट्रपति के विशेष विमान ‘एयर फोर्स वन’ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी बातचीत अच्छी चल रही है। अब देखते हैं आगे क्या होता है। मुझे लगता है कि हम किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बहुत अच्छा होगा और यदि नहीं हुआ तो हम वही करेंगे जो दो दिन पहले कर रहे थे।’’
वार्ता की जानकारी रखने वाले क्षेत्रीय अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि कतर और पाकिस्तान की अगुआई में मध्यस्थ, वाशिंगटन और तेहरान के बीच मतभेद दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका उद्देश्य दोनों देशों को उस अस्थायी युद्धविराम व्यवस्था पर वापस लाना है, जो हालिया गोलाबारी के बाद टूट गई थी।
हालांकि, क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों की गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
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