राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ एक बैठक का अनुरोध किया है, हालांकि ईरान के एक शीर्ष वार्ताकार ने कहा कि फारस की खाड़ी में हुए हालिया हमले के बाद आगे वार्ता का कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं किया गया है।
हाल के दिनों में, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने के बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कमजोर पड़ते अंतरिम समझौते को बरकरार रखने की कोशिश की है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बैठक मंगलवार को कतर के दोहा में होगी। लेकिन ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार काजिम गरीबाबादी ने वार्ता का कोई कार्यक्रम निर्धारित होने से इनकार किया है।
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते को लेकर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत तेहरान को अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करना होगा। साथ ही, अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल देगा। इसके अलावा, दोनों पक्षों को व्यापक समझौता करने के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने सोमवार को राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की टिप्पणी प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने अंतरिम समझौते की तारीफ करते हुए इसे ‘‘ईरानी लोगों के लिए एक बड़ी जीत’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘बनाई गई योजनाओं के आधार पर, कतर में मौजूद ईरान के कुल 12 अरब अमेरिकी डॉलर के संसाधनों में से 6 अरब अमेरिकी डॉलर मुक्त करा कर वापस लाया जाएगा और इसके लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।’’ उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।
फिलहाल, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान की कोई भी जब्त संपत्ति मुक्त नहीं की गई है। कतर ने ऐसे किसी भी हस्तांतरण की पुष्टि नहीं की है।
ईरान ने सप्ताहांत में फारस की खाड़ी में हुई गोलाबारी के दौरान कतर के एक टैंकर पर हमला किया था।
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अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की पुष्टि की गई है।
तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि रविवार रात हुए इन हमलों में 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा तीन घर भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (आईएचआरएफ) ने कहा, " नागरिक इलाकों और राहत कार्य में लगे लोगों पर हमलों की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (आईएचएल) के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करती है।" संगठन ने कहा कि ऐसे हमले ‘भेदभाव, मापदंड के अनुसार कार्रवाई और सावधानी’ जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हो सकते हैं।
आईएचआरएफ ने यह भी कहा कि नागरिकों या राहतकर्मियों पर जानबूझकर या बिना भेदभाव के हमला जेनेवा कन्वेंशन और इसके प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जा सकता है।
संगठन ने पाकिस्तान सरकार से इन सैन्य अभियानों के कानूनी आधार, लक्ष्य निर्धारण प्रक्रिया और परिस्थितियों को लेकर पारदर्शी स्पष्टीकरण देने की मांग की है। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में सहयोग करने और प्रभावित क्षेत्रों तक मानवीय सहायता पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
आईएचआरएफ ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार संस्थाओं से भी अपील की है कि वे इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखें, सभी घटनाओं का दस्तावेजीकरण करें और तथ्य-खोज मिशन को समर्थन दें।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने इन हवाई हमलों की निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोमवार को बड़ा ऐलान किया। दावा किया कि कतर में फंसी ईरान की 12 अरब डॉलर की राशि में से 6 अरब डॉलर जल्द जारी कर दिए जाएंगे। कॉम शहर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।
ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी मेहर के अनुसार, उन्होंने कहा कि तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटाए जाने से देश की अर्थव्यवस्था को भी राहत मिलेगी।
पेजेश्कियन ने बताया कि शांति समझौते के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। इसे उन्होंने ईरानी जनता की "बड़ी जीत" बताया।
पवित्र शहर कॉम की यात्रा के दौरान ग्रैंड अयातुल्ला शोबेरी जंजानी से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि कतर में रखे गए कुल 12 अरब डॉलर में से पहले चरण में 6 अरब डॉलर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाकी 6 अरब डॉलर की वापसी के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
राष्ट्रपति के अनुसार, "यह कदम स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओययू) के तहत हुए समझौते का हिस्सा है।"
पेजेश्कियन ने हालिया संघर्ष के दौरान ईरानी जनता के जज्बें की सराहना करते हुए कहा कि सर्वोच्च नेता, मंत्रियों, सैन्य कमांडरों, बुद्धिजीवियों और यहां तक कि स्कूली बच्चों की हत्या जैसी घटनाओं के बावजूद देश, सशस्त्र बल और सरकार एकजुट होकर खड़े रहे और राष्ट्र की रक्षा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने आर्थिक दबाव के जरिए ईरान को अस्थिर करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनता के धैर्य और ईश्वर के सहयोग से उनकी योजनाएं सफल नहीं हो सकीं।
राष्ट्रपति ने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा नहीं रखता। यह नीति देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता ने स्पष्ट रूप से घोषित की थी और वर्तमान सरकार भी उसी पर कायम है।
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यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों को ‘‘भयावह’’ करार दिया।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली एक रूसी मिसाइल निप्रो शहर में गिरी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि रूसी ड्रोन ने दक्षिणी शहर ज़पोरिज़िया में एक यात्री मिनीबस को भी निशाना बनाया, जिसमें तीन लोग मारे गए और एक बच्चा सहित छह लोग घायल हो गए।
यूक्रेनी पुलिस के अनुसार, देश के उत्तर-पूर्वी सुमी इलाके में रूस के ड्रोन हमलों में 69 साल की एक महिला और 77 साल के एक पुरुष की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन के कम से कम छह अन्य इलाकों में भी घातक हमले हुए।
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