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दुनिया की खबरें: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फिर शुरू होगी बातचीत? मध्यस्थों के प्रस्ताव मिलने की पुष्टि

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मध्यस्थों की तरफ से प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही। हालांक‍ि, उन्‍होंने क‍िसी की जानकारी साझा नहीं की।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

अमेर‍िका और ईरान के बीच एमओयू समझौता टूटने के बाद दोबारा जारी जंग से म‍िड‍िल ईस्‍ट में तनाव के हालात बने हुए हैं। दोनों ही ओर से लगातार हमले जारी हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मध्यस्थों की तरफ से प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही। हालांक‍ि, उन्‍होंने क‍िसी की जानकारी साझा नहीं की।

भारत में ईरानी दूतावास ने अपने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में जानकारी साझा करते हुए ल‍िखा, ''ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि हमें मध्यस्थों की तरफ से कुछ प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन इस समय मैं उनकी जानकारी साझा नहीं करना चाहूंगा। मैं इतनी पुष्टि जरूर कर सकता हूं कि ऐसे प्रस्ताव हमें भेजे गए हैं।"

दोनों देशों के बीच नौ द‍िनों से जारी जंग में एक ओर ईरान खाड़ी देशों में अमेर‍िकी सैन्‍य ठ‍िकानों को न‍िशाना बना रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अमेर‍िका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का एक नया दौर शुरू हुआ है और इसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।

वहीं, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने ऑपरेशन 'सैकेह' (लाइटनिंग) के तहत कुवैत में मौजूद अमेरिका के दो बड़े सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए। ईरानी सेना का कहना है कि अमेरिका की ओर से बार-बार किए जा रहे घातक हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ युद्ध तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हमें लड़ाई में मजबूत बढ़त नहीं मिल जाती।

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "बातचीत भी तभी होनी चाहिए, जब ईरान ऐसी स्थिति में हो, जहां उसे लगे कि हालात उसके पक्ष में हैं।"

अराघची ने कहा कि किसी भी युद्ध का अंत दो तरह से होता है। पहला, जब किसी एक पक्ष को सैन्य जीत मिल जाए। दूसरा, जब दोनों पक्ष बातचीत करके समझौते पर पहुंचें। लेकिन, बातचीत तभी करनी चाहिए, जब संघर्ष में अपनी स्थिति मजबूत हो। जल्दबाजी में बातचीत करना सही नहीं होगा।

400 किमी दूर तक रूस के अहम ठिकाने पर साधा निशाना, ऑयल डिपो पर भी हमला : जेलेंस्की

यूक्रेनी राष्ट्रपति व्‍लोद‍िमिर जेलेंस्की ने दावा किया क‍ि यूक्रेनी सेना ने रूस के भीतर कई अहम सैन्य और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने साफ किया कि रूस के हर हमले का लगातार जवाब दिया जाएगा।

यूक्रेन के राष्‍ट्रपत‍ि व्‍लोद‍िमिर जेलेंस्‍की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''मॉस्को क्षेत्र में हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई और प्रतिबंधों का असर दिखा है। दुश्मन के लॉजिस्टिक्स केंद्रों और एक तेल भंडार (ऑयल डिपो) को निशाना बनाया गया। इसके लिए मैं हमारी अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज, खुफिया एजेंसियों, मिसाइल और आर्टिलरी बलों, और स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज के जवानों का धन्यवाद करता हूं।''

जेलेंस्‍की ने बताया क‍ि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वे हमारी सीमा से 400 किलोमीटर से भी जयादा दूर थे। इसके अलावा, काला सागर में रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के दो टैंकरों और चार मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया गया।

उन्‍होंने कहा क‍ि रूस हमारे शहरों और बस्तियों पर जो भी हमला करता है, उसका हम हर बार उचित जवाब दे रहे हैं। इस युद्ध को खत्म होना चाहिए। यह तभी संभव है, जब इस युद्ध की एकमात्र वजह रूस पर दबाव और बढ़ाया जाए।

वहीं, रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन ने रविवार रात मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों पर ड्रोन से हमला किया। हमले में कई इमारतों में आग लग गई।

मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'टेल‍ीग्राम' में बताया क‍ि रात मॉस्को क्षेत्र में रूसी एयर डिफेंस ने दो ड्रोन मार गिराए। इनमें से एक ड्रोन ओडिन्त्सोवो शहरी जिले के चासत्सी इलाके में और दूसरा क्रास्नोगोर्स्क के पावशिन्स्काया पोयमा इलाके में गिराया गया।

ब्रिटेन में बड़े बदलाव का वादा: पीएम एंडी बर्नहैम बोले, 'राजनेताओं को अब बेहतर करना होगा'

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से लोगों का राजनीति पर भरोसा कमजोर हुआ है और अब नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले भाषण में बर्नहैम ने कहा, "मैं पूरी तरह से महसूस करता हूं कि पिछले 10 वर्षों में इस सड़क पर सरकार बनाने के लिए आने वाला मैं छठा व्यक्ति हूं और 2016 के बाद सातवां प्रधानमंत्री हूं। यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।"

उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के नेताओं को अपनी जिम्मेदारी बेहतर ढंग से निभानी होगी। "ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं। मैं उनकी बात सुनता हूं और ईमानदारी से स्वीकार करता हूं कि हम उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, जितना करना चाहिए था। अब हमें बेहतर करना होगा।"

बर्नहैम ने अपनी सरकार को "ब्रिटेन के लिए सर्किट ब्रेकर" बताते हुए कहा कि उनकी सरकार देश में पिछले 40 वर्षों के सबसे बड़े बदलाव लागू करेगी। ब्रिटेन को एक नए राजनीतिक और आर्थिक मॉडल की जरूरत है।

1980 के दशक का जिक्र करते हुए कहा, "1980 के दशक में लिए गए कुछ फैसलों के कारण राजनीतिक शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हो गया, जिससे अनेक इलाके आज भी पिछड़ेपन से जूझ रहे हैं।"

बर्नहैम ने कहा कि उनकी सरकार सत्ता का विकेंद्रीकरण करेगी और निर्णय लेने की ताकत देश के हर क्षेत्र तक पहुंचाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को अधिक मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर आम लोगों के लिए उन्हें फिर से किफायती बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि कॉस्ट ऑफ लिविंग बढ़ रही है और इससे राहत देने के लिए उनकी सरकार मंगलवार से कई योजनाओं की घोषणा करेगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के वित्तपोषण का खाका भी साथ में पेश किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष के अंत तक उनकी सरकार ब्रिटेन के लिए 10 वर्षीय राष्ट्रीय योजना पेश करेगी, जिसमें देश के आर्थिक और सामाजिक विकास का दीर्घकालिक रोडमैप होगा।

बर्नहैम ने रोजगार, शिक्षा और आवास को भी अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार, युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता बढ़ाने और अधिक काउंसिल हाउस बनाने पर जोर दिया जाएगा।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बारिश से जुड़ी घटनाओं में आठ लोगों की मौत, कई घायल

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मानसून की बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में दो बच्चों सहित कम से कम आठ व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। बचाव अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

आपातकालीन सेवा ‘रेस्क्यू 1122’ के एक अधिकारी ने बताया कि पहली घटना में रविवार रात खैबर जिले के लांडी कोटल क्षेत्र में आकस्मिक बाढ़ की चपेट में आने से एक सवारी गाड़ी के डिब्बे के बह जाने के कारण छह लोगों की मौत हो गई और नौ घायल हो गए।

अधिकारी ने बताया कि स्थानीय स्वयंसेवकों की सहायता से बचाव एवं तलाश दलों ने व्यापक अभियान चलाकर सभी छह शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए। उन्होंने बताया कि मृतकों में तीन अफगानिस्तान के नागरिक हैं।

अधिकारी ने बताया कि उसी दिन बारिश से जुड़ी एक अन्य त्रासदी में मरदान जिले की रुस्तम तहसील के इरफान नगर क्षेत्र में एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से उसकी छत ढह गई। इस हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

आपातकालीन दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को उपचार के लिए मरदान मेडिकल कॉम्प्लेक्स पहुंचाया।

बचाव अधिकारियों ने बताया कि मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण क्षेत्र में पानी का तेज बहाव पैदा हुआ, जिससे आकस्मिक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।

उन्होंने लोगों से अपील की कि मानसून के दौरान नालों, बाढ़ के बहाव वाले मार्गों और तेज बहाव वाली जलधाराओं के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचें तथा मौसम संबंधी परामर्श का सख्ती से पालन करें। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने छह लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया।

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