
राजस्थान की राजधानी जयपुर में 22 लोगों में जीका वायरस का संक्रमण पाए जाने के के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इसको लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने वायरस के प्रसार पर स्वास्थ्य मंत्रालय से इस बारे में विस्तृत रिपार्ट मांगी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि राजस्थान में जीका वायरस के 22 मामलों की पुष्टि हुई है वो सभी जयपुर के निर्धारित इलाके से आए हैं और यहां मच्छरों के नमूनों की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में यहां एक बुजुर्ग महिला जीका वायरस से पीड़ित पाई गई थी। यह जयपुर में जीका का पहला मामला था। उसके बाद से 3 गर्भवती महिलाओं समेत 8 और लोगों को इसकी चपेट में आए थे और अब उनकी संख्या बढ़कर अब 22 हो चुकी है।
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जीका वायरस से जुड़े केसों को लेकर कहा, “हमारी निगरानी व्यवस्था बहुत चौकस है, सभी केस पकड़ में आ जाते हैं। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि सब कुछ नियंत्रण में है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।”
राजस्थान की वसुंधरा सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा, “स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ रही है और अब जीका वायरस भी राजस्थान में प्रवेश कर गया है। ये सभी स्थितियां राज्य को जकड़ रहे संवेदनशील मुद्दों के प्रति सरकार की बेरुखी को जाहिर करती हैं। अब मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा खत्म हो गई है इसलिए आप इस राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।”
माना जा रहा है कि ये वायरस देश के कई और हिस्सों में लोगों को संक्रमित कर चुका है। बिहार और तमिलनाडु में भी इसके होने की बात कही जा रही है। इस विषाणु (वायरस) से संक्रमित हुए लोगों में एक व्यक्ति बिहार का निवासी है और वह हाल ही में सीवान जिले स्थित अपने घर गया था। सीवान में जब जयपुर में पढ़ने वाले एक लड़के की जांच में जीका वायरस पॉजिटिव पाया गया तो हड़कंप मच गई। पंकज चौरसिया जयपुर में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करते हैं। इसके बाद बिहार ने अपने सभी 38 जिलों को परामर्श जारी कर उन लोगों पर करीबी नजर रखने का निर्देश दिया है, जिनमें जीका विषाणु के संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हों।
जीका वायरस एंडीज इजिप्टी नाम के मच्छर के कारण फैलता है। ये वहीं मच्छर है जिसके कारण यैलो फीवर, डेंगू और चिकनगुनियां जैसी बीमारियां होती हैं। इसका असर सबसे ज्यादा नवजात बच्चों, गर्भ में पल रहे शिशु, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को होता है। इस वायरस के कारण लोग शारीरिक तौर से विकलांग हो सकते हैं।
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Published: 09 Oct 2018, 11:55 AM IST