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JPNIC को निजी हाथ में देने पर भड़के अखिलेश, बोले- BJP ने ‘जेपी’ को बेचा, 1 रुपये ज्यादा लेकर हमें सौंप दे केंद्र

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी ने जेपी को बेच दिया है। अगर उनके नेताओं के हाथ में होता, तो वे बीजेपी को भी बेच देते। उन्होंने ऐलान किया कि अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद एसपी की सरकार बनने पर इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

JPNIC को निजी हाथ में देने पर भड़के अखिलेश, बोले- BJP ने ‘जेपी’ को बेचा, 1 रुपये ज्यादा लेकर हमें सौंप दे केंद्र
JPNIC को निजी हाथ में देने पर भड़के अखिलेश, बोले- BJP ने ‘जेपी’ को बेचा, 1 रुपये ज्यादा लेकर हमें सौंप दे केंद्र फोटोः @samajwadiparty

समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के संचालन का जिम्मा एक निजी संचालक को सौंपे जाने को लेकर गुरुवार को योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जेपी को बेच दिया है। उन्होंने ‘एक रुपया ज्यादा लेकर’ जेपीएनआईसी को एसपी को सौंपने की पेशकश करते हुए घोषणा की कि अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में एसपी की सरकार बनने पर इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

बीजेपी ने जेपी को बेच दिया

एसपी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में जेपीएनआईसी मामले को लेकर सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘बीजेपी ने जेपी को बेच दिया है। अगर उनके नेताओं के हाथ में होता, तो वे बीजेपी को भी बेच देते।’’

सरकार बनने पर अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी

उन्होंने कहा, ‘‘इसे (जेपीएनआईसी) इतनी सस्ती कीमत पर बेचा जा रहा था और अगर हमें इसके बारे में पता होता तो हम चंदा इकट्ठा करके इसे खुद खरीद लेते। आज भी हम प्रस्ताव दे रहे हैं। जेपीएनआईसी वापस कर दें, जिस कीमत पर इसे सौंपा गया, हम उससे एक रुपया ज्यादा देंगे।’’

अखिलेश यादव ने कहा कि अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद अगर राज्य में एसपी की सरकार बनाती है तो इस बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच के साथ-साथ किये गये भुगतान की भी पड़ताल की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर के एक मुख्य विकास अधिकारी को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का प्रभार दिया गया था और जेपीएनआईसी के सौदे में करोड़ों रुपये लिए गए हैं, इस सबकी जांच की जाएगी।

योगी सरकार ने निजी संचालक को देने पर लगाई मुहर

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एसपी के शासनकाल में लखनऊ में शुरू की गयी जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए उसे ‘मेसर्स वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘रॉकवुड होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ को 30 वर्ष के पट्टे पर देने के लिये संबंधित कार्यवाही के वास्ते लखनऊ विकास प्राधिकरण को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव के तहत विकास प्राधिकरण सरकार को 30 वर्षों के अंदर पांच प्रतिशत ब्याज सहित लगभग 857 करोड़ 69 लाख रुपए चुकाएगा।

एसपी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जनता के धन से बने जेपीएनआईसी को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 18 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बने जेपीएनआईसी को समाजवाद के प्रणेता जयप्रकाश नारायण से जुड़ी एक खास इमारत के तौर पर बनाया गया था।

बीजेपी करती थी जेपी की तस्वीर का इस्तेमाल

अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण के साथ जुड़ाव को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने अपनी स्थापना के समय उनकी तस्वीर का इस्तेमाल यह संदेश देने के लिए किया था कि वह समाजवादी विचारधारा का पालन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जब बीजेपी बनी थी तो उसका अपना कोई समाजवादी नेता नहीं था। समाजवादी विचारधारा का पालन करने का संदेश देने के लिए उसने अपने सम्मेलन में जयप्रकाश जी की तस्वीर का इस्तेमाल किया था।’’

अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘आप इतनी बड़ी इमारत की कीमत का अंदाजा लगा सकते हैं, जो लगभग 20 एकड़ में फैली है और दो फाइव-स्टार होटलों के पीछे स्थित है। अगर इसका ‘बिल्ट-अप एरिया’ लगभग 10 लाख स्क्वायर फीट है, तो इसकी कीमत लगभग छह हजार करोड़ रुपये हो सकती है।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसान बाजार, अवध बस स्टेशन और शान-ए-अवध (अब पैलेसियो मॉल) जैसी अन्य सार्वजनिक सम्पत्तियों को भी निजी पक्षों को सौंपा या बेचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों की जेब से पैसा निकालकर अमीरों की तिजोरियां भरी जा रही हैं।

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