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'अगर ऐसा नहीं हुआ तो...', छात्रों को हिरासत में लिए जाने की खबर के बीच CJP ने मोदी सरकार को दी चेतावनी, याद दिलाया अपना वादा

CJP ने आरोप लगाया है कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। पार्टी ने मोदी सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार अपने वादे पर कायम नहीं रहती, तो CJP आगे आवश्यक कदम उठाएगी।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया  

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि देश के विभिन्न राज्यों, खासकर असम, पश्चिम बंगाल और बिहार से छात्रों एवं अन्य प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाए जाने, हिरासत में लेने और गिरफ्तार किए जाने की कई शिकायतें पार्टी को मिल रही हैं। उन्होंने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के विपरीत है।

सौरव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि CJP ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन केवल केंद्र सरकार के इस भरोसे के बाद स्थगित किया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ, चाहे वह किसी भी बीजेपी या एनडीए शासित राज्य में हो, अब या भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे में विभिन्न राज्यों से सामने आ रही कार्रवाई की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं।

हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा किया जाए- CJP

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की कानूनी टीम पहले दिन से ही संबंधित राज्यों के वकीलों के साथ समन्वय कर रही है ताकि हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित की जा सके और उन्हें हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। सौरव ने केंद्र सरकार से, विशेष रूप से भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से अपील की कि वे सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन का सम्मान करें। उन्होंने मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं और देशभर में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए।

सरकार ने वादा किया उसे पूरा करे- CJP

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2026 तक इस संबंध में लिखित गारंटी देने का भी वादा किया था और सरकार को अपने इस वादे को पूरा करना चाहिए। सौरव ने कहा कि CJP ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा करते हुए सद्भावना के आधार पर अपना आंदोलन स्थगित किया था। यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो यह केवल CJP के साथ विश्वासघात नहीं होगा, बल्कि उन लाखों युवाओं के भरोसे को भी तोड़ेगा जिन्होंने विरोध के बजाय संवाद का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए ऐसा विश्वासघात स्वीकार्य नहीं होगा और सरकार की विश्वसनीयता केवल वादे करने से नहीं, बल्कि उन्हें निभाने से बनती है।

अपने बयान के अंत में सौरव ने प्रदर्शनकारी युवाओं से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि CJP लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को तत्काल, और हर हाल में मंगलवार तक रिहा किया जाए तथा सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी आगे आवश्यक कदम उठाएगी।

सरकार और गोदी मीडिया पर साधा निशाना

इसके अलावा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार और कथित "गोदी मीडिया" पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जेनरेशन-ज़ेड (Gen Z) और युवा पीढ़ी की सोच और विरोध के तरीकों को समझने में असफल रहे हैं।

उन्होंने लिखा कि आज की युवा पीढ़ी लंबे समय तक सड़क पर बैठकर प्रदर्शन भी कर सकती है, नाचते हुए भी विरोध दर्ज करा सकती है, ठंडी कॉफी पीते हुए भी आंदोलन का संगठन कर सकती है और बदलाव की लड़ाई लड़ सकती है। उनके मुताबिक, यह जरूरी नहीं है कि हर आंदोलन पहले की पीढ़ियों की तरह ही दिखाई दे।

सौरव ने कहा कि आज के युवा आत्मविश्वासी, रचनात्मक और दृढ़ हैं तथा उन्हें किसी तय धारणा या सांचे में नहीं ढाला जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुरानी पीढ़ी के लोग उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें इस बदलाव को स्वीकार करना होगा।

इस पोस्ट को CJP की ओर से युवा आंदोलन और विरोध के नए तौर-तरीकों के समर्थन के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

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