
अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या पर मनीष तिवारी ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि घटना बताती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है।
उन्होंने सीमावर्ती राज्य पंजाब में ड्रोन से ड्रग्स और हथियार आने का भी जिक्र किया।
तिवारी ने पंजाब समेत पूरे उत्तरी क्षेत्र में ड्रग्स की गंभीर समस्या होने का दावा किया।
अमृतसर में ड्यूटी के दौरान एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे साफ होता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से कड़े कदम उठाने की मांग की।
मनीष तिवारी ने आईएएनएस से कहा कि एक पुलिसकर्मी को गोली मारकर उसकी जान ले लिया जाना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना साफ दिखाती है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और यहां बाहरी ताकतों, खासकर पड़ोसी देश पाकिस्तान का हस्तक्षेप रहता है। उनके मुताबिक ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियार भी पंजाब में आते हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की जिम्मेदारी है कि राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत और दुरुस्त रखा जाए।
दरअसल, अमृतसर के भगतनवाला में ड्यूटी के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात लोगों ने एएसआई हरजीत सिंह को गोली मार दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना सुबह करीब 3 बजे हुई। हमलावर अधिकारी के पास पहुंचे और बहुत करीब से उन पर कई गोलियां चलाईं। हमले के बाद हरजीत सिंह को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह तरनतारन जिले के रहने वाले थे।
पुलिस ने गोलीबारी की परिस्थितियों और हमलावरों की पहचान को लेकर जांच शुरू कर दी है। इसी बीच पंजाब में ड्रग्स की स्थिति को लेकर भी मनीष तिवारी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य अभी भी गंभीर ड्रग्स समस्या का सामना कर रहा है। उनके मुताबिक अगर कोई कहता है कि पंजाब में आज ड्रग्स की समस्या नहीं है, तो वह पंजाब के लोगों को गुमराह कर रहा है।
तिवारी ने कहा कि 1995 में पंजाब में आतंकवाद का दौर खत्म होने के बाद पाकिस्तान ने नार्को-टेररिज्म का दौर शुरू किया। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझने में करीब डेढ़ दशक लगा कि क्या हो रहा था और 2009-2010 तक उन्हें यह एहसास होने लगा कि यह पंजाब और देश को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश थी। उनके मुताबिक इसके बाद अलग-अलग सरकारों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन आज भी ड्रग्स की समस्या से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा समेत पूरा उत्तरी क्षेत्र ड्रग्स की गंभीर और संवेदनशील समस्या का सामना कर रहा है।
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