
झारखंड में केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा मॉब लिंचिंग के दोषियों का हार पहनाकर स्वागत करने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि खबर आई कि उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में मॉब लिंचिंग के आरोपी को महज 20 दिन में ही अदालत ने जमानत दे दी। इतना ही नहीं बिहार में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सांप्रदायिक दंगा भड़काने के आरोपी से जेल में मिलने जा पहुंचे और बयान दिया कि हिंदुओं को तंग करके सांप्रदायिक सौहार्द्र कायम करने की नीति अपनाई जा रही है।
मोदी सरकार में मंत्री और बिहार के नवादा से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने शनिवार को नवादा जेल में बंद बजरंग दल के जिला संयोजक जितेंद्र प्रताप से मुलाकात की। जितेंद्र प्रताप पिछले साल राम नवमी के मौके पर हुई सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में है। उससे मिलने के बाद गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश सरकार में हिंदुओं को अपमानित करने का काम किया जा रहा है। हिंदुओं को तंग कर साम्प्रदायिक सौहार्द की बात नहीं की जा सकती। हिंदुओं को बल पूर्वक दबाकर सौहार्द नहीं बन सकता।
गिरिराज सिंह ने कहा कि बजरंगियों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने लोगों को उकसाने का काम किया है। ये लोग हाथ जोड़कर दुकानों को बंद करा रहे थे और अत्याचार की बात बता रहे थे। इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरिराज ने कहा कि शासन क्रूरता से नहीं चलता है। यह समझौते के तहत चलता है। उन्होंने यह भी कहा कि नवादा के बहुसंख्यक समाज के लोगों ने सामाजिक सद्भाव को कायम करने की हमेशा पहल की। अकबरपुर, रजौली का मननपुर, पकरीबरावां का धमौल, नवादा शहर सभी जगह बहुसंख्यक समाज ने ही समाजिक सद्भाव को बरकरार रखा। इसे अक्षुण बनाये रखा।
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के फायरब्रांड नेता के रूप में जाने जाने वाले गिरिराज ने यह भी कहा कि आंदोलन करना और सहयोग देना देश की जनता का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन यहां की पुलिस इस बात को दरकिनार कर मनमानी कर रही है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है, वह हिंदुओं को उकसाने वाली है। यह पूरी तरह गलत है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए