
भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर तो रहा है, लेकिन यह संग्रह 8 महीने के निचले स्तर पर है। वहीं पिछले महीने के 1.41 लाख करोड़ के मुकाबले मई महीने में जीएसटी संग्रह सिर्फ 1.02 लाख करोड़ का ही रहा है, यानी इसमें करीब एक तिहाई की कमी दर्ज हुई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मई 2021 में जीएसटी संग्रह 1,02,709 करोड़ रुपये रहा जबकि अप्रैल में 1.41 लाख करोड़ और मार्च में 1.24 लाख करोड़ था। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि मई 2021 की राजस्व वसूली पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व वसूली से 65 प्रतिशत अधिक है। ध्यान रहे कि पिछले साल मई माह में देशव्यापी लॉकडाउन था और सारी आर्थिक गतिविधियां ठप थीं। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हैं, इसके बावजूद जीएसटी संग्रह में गिरावट अर्थव्यवस्था में स्पष्ट कमजोरी का संकेत है।
सरकारी बयान के मुताबिक मई 2021 में कुल जीएसटी राजस्व के रूप में 1,02,709 करोड़ रुपये की वसूली की गई है, जिसमें से सीजीएसटी 17,592 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 22,653 करोड़ रुपये और आईजीएसटी 53,199 करोड़ रुपये हैं। इन आंकड़ों में 4 जून तक घरेलू लेनदेन के माध्यम से जीएसटी की वसूली शामिल है।
भले ही जीएसटी संग्रह में एक लाख करोड़ से ऊपर की वसूली का यह लगातार आठवां महीना है, लेकिन अक्टूबर 2020 के बाद इस मद में सबसे कम वसूली हुई है। अक्टूबर 2020 में जीएसटी से 1.05 लाख करोड़ जमा हुए थे। जबकि इससे पहले सिंतबर 2020 में जीएसटी संग्रह 95.48 लाख करोड़ था।
सरकार ने कहा है कि जीएसटी संग्रह में आने वाले दिनों में करेक्शन हो सकता है क्योंकि 5 करोड़ से कम लेन देन वाले छोटे करदाताओं के पास अब भी जुलाई के पहले सप्ताह तक बिना किसी विलंब शुल्क और ब्याज के रिटर्न फाइल करने का समय है। इन करदाताओं से प्राप्त होने वाली आय को तब तक के लिए टाल दिया गया है।
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
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