
बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर चाई गांव के पास क्रैश हो गया है।
हेलीकॉप्टर में 6 लोग सवार थे और हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हुआ। बद्रीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के बीच चाई गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में छह लोग सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान में जुट गईं। खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं।
चमोली प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX था। इसने शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर बद्रीनाथ से देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। बद्रीनाथ धाम और जोशीमठ के बीच हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया था। आखिरी बार इसका संपर्क जोशीमठ के सामने हाथीपहाड़ के पीछे टॉप पर स्थित आर्मी पोस्ट के आसपास हुआ था।
हेलीकॉप्टर से संपर्क टूटने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। बाद में चाई गांव, जोशीमठ के निकट हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की सूचना सामने आई। मेडिकल टीम को भी घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। प्रशासन और सेना की टीमें सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। हालांकि, खराब मौसम के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।
हेलीकॉप्टर में सवार छह लोगों की स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हादसे की जानकारी देते हुए लिखा कि चाई गांव, जोशीमठ के निकट हेलीकॉप्टर क्रैश होने की दुर्भाग्यपूर्ण सूचना मिली है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा कि वह खुद पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों के सकुशल होने की कामना भी की है।
बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर है। यह देश के चार धामों में शामिल प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। इसे 'भू-वैकुंठ' यानी धरती पर भगवान विष्णु का निवास भी कहा जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी। उनकी तपस्या के दौरान माता लक्ष्मी ने उन्हें मौसम के प्रकोप से बचाने के लिए बद्री यानी बेरी के वृक्ष का रूप धारण किया था। इसी वजह से इस स्थान का नाम बद्रीनाथ पड़ा। यह क्षेत्र ऋषि नर और नारायण की तपस्थली भी माना जाता है। भारी बर्फबारी के कारण मंदिर साल में लगभग छह महीने श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। सर्दियों में मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान की मूर्ति को पास के जोशीमठ लाया जाता है।
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