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पश्चिम चंपारण में CM सम्राट के सामने बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा, MP जायसवाल की गाड़ी पर फेंका गोबर, उलटे पांव लौटे CM

पश्चिम चंपारण के बाथना राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने स्थानीय सांसदों और विधायकों के खिलाफ नारेबाजी कर राहत व्यवस्था पर अपना असंतोष जाहिर किया।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • पश्चिम चंपारण के बाथना राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों ने स्थानीय सांसदों और विधायकों के खिलाफ नारेबाजी की।

  • सम्राट चौधरी के सामने बढ़े विरोध के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई और मुख्यमंत्री राहत शिविर से निकल गए।

  • सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी को घेरकर प्रदर्शन किया गया, कुछ लोगों ने गोबर फेंकने और गाड़ी पर हाथ मारने की कोशिश की।

  • गंडक नदी का जलस्तर बागाहा में 91.25 मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ और बढ़ी।

बिहार के पश्चिम चंपारण में बाढ़ की बिगड़ती स्थिति के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। बैरिया ब्लॉक के बाथना स्थित राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित लोगों ने स्थानीय सांसदों और विधायकों के खिलाफ नारेबाजी की। सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे। बाथना के पीएम श्री गवर्नमेंट प्लस-2 हाई स्कूल में बनाए गए राहत शिविर पहुंचने से पहले उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

शिविर में बाढ़ पीड़ितों से बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने स्थानीय नेताओं के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने राहत व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया और बाढ़ के संकट से निपटने में अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। बढ़ते तनाव के बीच सम्राट चौधरी राहत शिविर से निकल गए।

संजय जायसवाल की गाड़ी घेरकर विरोध

मुख्यमंत्री के स्कूल परिसर से निकलने के बाद भी वहां तनाव बना रहा। स्थानीय खबरों के अनुसार, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल और नरकटियागंज विधायक सुरक्षा कारणों से कुछ समय तक स्कूल परिसर के भीतर ही रहे। बाद में पुलिस ने सांसद संजय जायसवाल को उनकी गाड़ी तक पहुंचाने की कोशिश की।

इसी दौरान कथित तौर पर आक्रोशित लोगों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन किया। कुछ लोगों ने कथित तौर पर गाड़ी पर गोबर फेंका। इससे मौके पर तनाव और बढ़ गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच संजय जायसवाल को इलाके से बाहर निकाला।

गंडक का जलस्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर

पश्चिम चंपारण में यह विरोध ऐसे समय हुआ है जब कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी घुस गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है तथा प्रभावित लोगों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है।

इस बीच गंडक नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी ने प्रशासन के सामने चुनौती और बढ़ा दी है। बागाहा गेज पर नदी का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया है, जो अब तक का उच्चतम स्तर बताया गया है। यह 2024 में दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर 90.90 मीटर से 0.35 मीटर अधिक है। जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे राहत और पुनर्वास कार्यों में लगी एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

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