
केंद्रीय वित्तमंत्री और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के इस्तीफे की मांग के साथ मुंबई में आरबीआई और दो निजी बैंकों सहित 11 स्थानों पर बम रखे जाने की ईमेल से मिली धमकी फर्जी निकली है। मुंबई पुलिस ने इन सभी स्थानों पर जांच के बाद धमकी के अफवाह होने की पुष्टि की है। पुलिस ने इन सभी स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ ईमेल भेजने वाले की तलाश तेज कर दी है।
इससे पहले मगंलवार दिन में धमकी देने वाले ने खुद को 'खिलाफत इंडिया' से होने का दावा करते हुए ईमेल पर चेतावनी दी कि आरबीआई और आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक में कुल 11 स्थानों पर बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 1.30 बजे फट जाएंगे। यह धमकी भरा ईमेल, सबजेक्ट लाइन "ब्रेकिंग न्यूज" के साथ कई अधिकारियों को सीसी किया गया था।
ईमेल में लिखा है, "हमने मुंबई के विभिन्न स्थानों पर 11 बम रखे हैं। आरबीआई ने निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ मिलकर भारत के इतिहास में सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। इस घोटाले में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, कुछ शीर्ष बैंकिंग अधिकारी और भारत के कुछ मंत्री शामिल हैं। हमारे पास इसके पर्याप्त और ठोस सबूत हैं।"
सुबह 10.50 बजे भेजे गए ईमेल में चेतावनी दी गई, "हम मांग करते हैं कि आरबीआई गवर्नर और वित्तमंत्री दोनों तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दें और घोटाले के पूर्ण खुलासे के साथ एक प्रेस बयान जारी करें। हम सरकार से उन दोनों और इसमें शामिल सभी लोगों को वह सजा देने की भी मांग करते हैं, जिसके वे हकदार हैं, अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो दोपहर 1.30 बजे से पहले एक-एक कर सभी 11 बम फटेंगे।''
धमकी भरे ईमेल में फोर्ट स्थित आरबीआई न्यू सेंट्रल ऑफिस बिल्डिंग, चर्चगेट स्थित एचडीएफसी हाउस और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित आईसीआईसीआई बैंक टावर्स में 3 बमों के साथ कुल 11 जगह बम होने का दावा किया गया। इसके तुरंत बाद मुंबई पुलिस की कई टीमें मौके पर गईं और सभी स्थानों को बारीकी से स्कैन किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। आगे की जांच के साथ मामला दर्ज किया गया है, जबकि सभी साइटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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