
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा एसआईआर से जुड़े सत्यापन के आधार पर राशन कार्डों को रद्द किये जाने की कड़ी आलोचना करते हुए शनिवार को कहा कि राशन कार्ड रखने का आधार यह क्यों होना चाहिए कि लाभार्थी का नाम मतदाता सूची में है या नहीं।
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उन्होंने पूछा कि अगर मतदाता सूची को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) राशन उपलब्ध कराने के निर्णायक कारक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है तो आधार प्रमाणीकरण का क्या मतलब है?
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जो लोग बाहर कर दिये गये, उनमें से कई वास्तविक मतदाता हैं।
ओवैसी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘सरकारी योजनाएं मतदाताओं के लिए पुरस्कार नहीं हैं। ये सभी पात्र नागरिकों के लिए हैं। यह कदम सत्यापन से कम और लाभार्थियों की संख्या कम करने का प्रयास अधिक प्रतीत होता है, जिससे सबसे गरीब लोगों, विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जातियों और मुसलमानों का जीवन और कठिन हो जाएगा।’’
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उन्होंने कहा, “सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है कि मानो ये योजनाएं 'राजकुमार' शुभेंदु का निजी दान-पुण्य हों। ऐसा नहीं है।” एआईएमआईएम नेता ने कहा कि ये योजनाएं सार्वजनिक धन से वित्त पोषित हैं और प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार हैं।
पश्चिम बंगाल के खाद्य और आपूर्ति विभाग ने चार जून को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से ‘अपात्र लाभार्थियों’ की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए राज्यव्यापी सत्यापन अभियान का आदेश दिया तथा इस प्रक्रिया को मतदाता सूचियों के एसआईआर परिणाम से जोड़ा।
एक सरकारी आदेश के अनुसार, इस प्रक्रिया में उन राशन कार्ड धारकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिनके नाम मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान हटा दिए गए थे या जो अयोग्य पाए गए थे। इस पक्रिया को 15 जून तक पूरा करने का कार्यक्रम है।
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अधिकारियों ने कहा कि जांच के दायरे में आने वाली श्रेणियों में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराव वाले (एएसडीडी) मतदाताओं के रूप में चिह्नित व्यक्ति, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान ऐसे लोग , जिनके आवेदन खारिज कर दिए गए थे शामिल हैं। इसके अलावा 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचना पर्चियों के वितरण के दौरान एएसडीडी के रूप में पहचाने गए मतदाता शामिल हैं।
हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया कि जिन लाभार्थियों ने एसआईआर न्यायाधिकरण के समक्ष अपील दायर की है या नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत आवेदन प्रस्तुत किए हैं, वे अपनी अपील या आवेदन के निपटारे तक राशन कार्ड डेटाबेस में सक्रिय बने रहेंगे।
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