
संयुक्त किसान मोर्चा सहित अन्य किसान संगठनों द्वारा शनिवार को राष्ट्रव्यापी तीन घंटे के लिए चक्का जाम किया जाना है, ऐसे में दिल्ली पुलिस इस दौरान होने वाली किसी भी अप्रत्याशित घटना के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसमें 'फ्लैश मॉब' और 'प्रोटेस्ट कॉल ऑन सोशल मीडिया' जैसी कई चीजें शामिल हैं।
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आंदोलनकारी किसानों के इस आश्वासन के बावजूद कि उनके द्वारा प्रस्तावित 'चक्का जाम' को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में लागू नहीं किया जाएगा, एहतियात के तौर पर दिल्ली पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, जहां पिछले साल 26 नवंबर से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
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शहर में पुलिस बल फ्लैश मॉब की किसी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया हैंडल्स और हैशटैग्स पर भी नजर रखा जा रहा है ताकि फ्लैश मॉब की तरह आकस्मिक भीड़ जमा होने की किसी भी घटना से निपटा जा सके। गणतंत्र दिवस के बाद यह दूसरी दफा है, जब पुलिस की पूरी टीम एक साथ मिलकर चौकसी बनाए रखने के अपने काम में जुटी हुई है।
दिल्ली पुलिस पीआरओ चिन्मय बिस्वाल ने कहा, "हमें पता चला है कि राजधानी में चक्का जाम करने की किसानों की कोई योजना नहीं है, लेकिन 26 जनवरी से पहले हुए समझौते की धज्जियां उड़ाए जाने के मद्देनजर हम कोई कसर नहीं छोड़ा चाहते हैं और इसी के चलते सीमावर्ती क्षेत्रों पर खासतौर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।"
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रणनीतिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस सीमावर्ती राज्यों और सिंधु, टीकरी और गाजीपुर सीमाओं के करीब विरोध स्थलों पर विरोध प्रदर्शनों पर नजर रख रही है।
मल्टी लेयर बैरिकेडिंग और कंटीले तारों की बाड़ लगाने के बीच इन क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों की पुलिस के साथ भी संपर्क में है और राज्य पुलिस के साथ मिलकर खुफिया सूचनाओं का भी आदान-प्रदान कर रही है।
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