
नंदीग्राम उपचुनाव में बढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान गिरफ्तार
2007 के भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े 19 साल पुराने मामले में हुई मिलन प्रधान की गिरफ्तारी
ममता बनर्जी के समर्थन एलान के कुछ ही मिनटों बाद हुई कार्रवाई – कांग्रेस का बड़ा दावा
कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचा भारी घमासान
कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में अपने उम्मीदवार की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष को खत्म करने के प्रयास में संविधान आधारित लोकतंत्र को ‘बनाना रिपब्लिक’ में बदला जा रहा है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह दावा भी किया कि बीजेपी के शासन में प्रदेश में लोकतंत्र ‘वेंटिलेटर’ पर पहुंच गया है।
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि 2007 के 19 साल पुराने मामले को फिर से उठाते हुए कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया और यह कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस को समर्थन दिए जाने के कुछ ही मिनट बाद हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दिखाता है कि बीजेपी लोकतंत्र हथियाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने ‘दमनकारी अंग्रेजी शासन’ के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उसे देश से बाहर किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की ‘डराने-धमकाने की छोटी-मोटी तरकीबें’ कांग्रेस को भयभीत नहीं कर सकतीं।
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस सत्ता के कथित दुरुपयोग के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी और बीजेपी की हार सुनिश्चित करेगी। नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में कथित संलिप्तता के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के फैसले की शुक्रवार को तीखी आलोचना की और इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास में ‘काला दिन’ बताते हुए इसका राजनीतिक, लोकतांत्रिक तथा कानूनी तौर पर मुकाबला करने का संकल्प लिया। यह घटनाक्रम राज्य में एक नाटकीय राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हुआ, जिसमें ममता बनर्जी नीट गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘...फिर भी, हम संविधान या संवैधानिक संस्थाओं का अपमान नहीं करते। लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला दिन है।’’
मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने अपने फैसले के बारे में कहा, "बड़े हित के लिए हम INDIA गठबंधन के साथ हैं। हम बड़े हित के लिए कांग्रेस पार्टी को समर्थन देंगे और INDIA गठबंधन को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बंटवारे का नहीं, बल्कि एकजुट होने का समय है, खासकर बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की तानाशाही और फासीवाद के खिलाफ।
नंदीग्राम में मुकाबला फिर भी बहुकोणीय बना हुआ है। टीएमसी के दूसरे धड़े (ऋतब्रत बनर्जी गुट) ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने शांति गोपाल गिरी, कांग्रेस ने मिलन प्रधान और बीजेपी ने हसिरानी रथ को मैदान में उतारा है।