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कांग्रेस ने पंजाब केसरी अखबार समूह पर छापे को लेकर ‘आप’ पर साधा निशाना, कहा- मोदी से प्रेरणा ले रही है पार्टी

पवन खेड़ा ने कहा कि ‘पंजाब केसरी’ पर ‘आप’ का व्यापक हमला दर्शाता है कि भले ही इस पार्टी की स्पष्ट रूप से कोई विचारधारा नहीं दिखती है, लेकिन यह नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेती है। अगर मोदी के नक्शेकदम पर ही चलना है, तो उसे बीजेपी में विलय कर लेना चाहिए।

कांग्रेस ने पंजाब केसरी अखबार समूह पर छापे को लेकर ‘आप’ पर साधा निशाना, कहा- मोदी से प्रेरणा ले रही है पार्टी
कांग्रेस ने पंजाब केसरी अखबार समूह पर छापे को लेकर ‘आप’ पर साधा निशाना, कहा- मोदी से प्रेरणा ले रही है पार्टी फोटोः सोशल मीडिया

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पंजाब केसरी अखबार समूह के छापों के जरिये उसे निशाना बनाए जाने के दावों को लेकर शुक्रवार को राज्य की आप सरकार पर निशाना साधा। खेड़ा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब की आप सरकार पीएम मोदी से प्रेरणा ले रही है, जिन्होंने देश भर के मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया है। उन्होंने ‘आप’ पर खुद की कोई विचारधारा न होने का आरोप लगाया और कहा कि “अगर पार्टी को मोदी के नक्शेकदम पर ही चलना है, तो उसे बीजेपी में विलय कर लेना चाहिए।”

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कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हर पार्टी किसी न किसी से प्रेरणा लेती है। उदाहरण के लिए, कांग्रेस (महात्मा) गांधी, (जवाहरलाल) नेहरू, (सरदार वल्लभभाई) पटेल, (सुभाष चंद्र) बोस, (मौलाना अबुल कलाम) आजाद आदि से; भाजपा (माधव सदाशिव राव) गोलवलकर, (विनायक दामोदर) सावरकर, (नाथूराम) गोडसे आदि से; और वामदल (कार्ल) मार्क्स और (व्लादिमीर) लेनिन से प्रेरणा लेते हैं।”

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खेड़ा ने लिखा, “पंजाब के प्रसिद्ध अखबार ‘पंजाब केसरी’ पर ‘आप’ का व्यापक हमला दर्शाता है कि भले ही इस पार्टी की स्पष्ट रूप से कोई विचारधारा नहीं दिखती है, लेकिन यह नरेन्द्र मोदी से प्रेरणा लेती है।” उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि आम आदमी पार्टी की अपनी कोई विचारधारा नहीं है और लोग भी इसे जान गए हैं।

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पंजाब केसरी अखबार समूह ने गुरुवार को सीएम भगवंत मान को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि प्रवर्तन एजेंसियां छापों के जरिये उसे निशाना बना रही हैं। उसने दावा किया था कि छापेमारी का यह सिलसिला पंजाब में सत्तारूढ़ ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक के खिलाफ विपक्ष के आरोपों पर एक संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्ट के प्रकाशन के साथ शुरू हुआ। समूह ने आरोप लगाया कि उसे और उसके सहयोगियों को निशाना बनाकर की जा रही छापेमारी का मकसद प्रेस को डराना है। हालांकि, इसके बाद पंजाब सरकार ने एक बयान जारी कर समूह के आरोपों को सिरे से खारिज किया था।

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