कांग्रेस ने शुक्रवार को फैसला किया कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ पार्टी अलग-अलग राज्यों में किसान सम्मेलन का आयोजन करेगी, जिनके माध्यम से किसानों को यह बताया जाएगा कि इस समझौते का उनकी आजीविका पर नकारात्मक असर पड़ने वाला है।
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पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें यह फैसला किया गया। इस बैठक में इन राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल के नेता शामिल हुए।
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बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि पहला ‘किसान सम्मेलन’ 24 फरवरी को भोपाल में होगा और दूसरा ‘किसान सम्मेलन’ सात मार्च को महाराष्ट्र के यवतमाल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीसरा ‘किसान सम्मेलन’ मार्च महीने में राजस्थान के श्रीगंगानगर में होगा। जयराम रमेश ने बताया कि इन सम्मेलनों में खड़गे और राहुल गांधी शामिल होंगे।
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उन्होंने कहा, ‘‘बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए ‘सरेंडर’ के बारे में चर्चा हुई। इस समझौते के कारण इन छह राज्यों के कपास, सोयाबीन, मक्का किसान और फल-मेवे के उत्पादकों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।’’
जयराम रमेश के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी जी ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी का एक और ‘‘सरेंडर’’ है। उन्होंने दावा किया, ‘‘पहला ‘सरेंडर’ 10 मई 2025 को हुआ, जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोक दिया गया था।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान संगठनों के साथ मिलकर आवाज उठाई जाएगी।
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