
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का जटका लग सकता है। राज्य में बिजली के दाम 28 पैसे से लेकर 1.09 प्रति यूनिट के हिसाब से बढ़ाए जा सकते हैं। इसे लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया है। खबरों के मुताबिक, उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए नियामक आयोग ने प्रस्ताव दिया है। फ्यूल सरचार्ज अगर लगा तो प्रदेश में बिजली 28 पैसे से लेकर 1.09 रुपए प्रति यूनिट महंगी हो सकती है। इसके अलावा विभाग ने बिजली उपभोक्ताओं से 1437 करोड़ रुपये वसूलने की बात भी कही है। इसके लिए 61 पैसे प्रति यूनिट के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में औसत बिलिंग की दर तैयार की गई है। अगर कॉरपोरेशन की दर को नियामक आयोग स्वीकार किया तो बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगना तय है।
फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी हुई तो घरेलू बीपीएल के लिए 28 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी, घरेलू सामान्य के लिए 44 से 56 पैसे प्रति यूनिट, कमर्शियल के लिए 49 से 87 पैसे प्रति यूनिट, किसानों के लिए 19 से 52 पैसे प्रति यूनिट, नॉन इंस्ट्री ब्लैकलोड के लिए 76 7.0 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी और भारी उद्योग के लिए 54 से 64 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया आई है। उसने कहा है कि किसी भी हाल में इस प्रस्ताव को लागू नहीं होने दिया जाएगा। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि हम पावर कॉरपोरेशन के इस प्रस्ताव को लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम पर पहले से ही करीबन 3122 करोड़ सरप्लस निकल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इस फॉर्मूले को अपनाया गया तो उलटे उपभोक्ताओं को 30 पैसे प्रति यूनिट का फायदा होगा। परिषद के अध्यक्ष के मुताबिक, नियामक आयोग ने जून 2020 में बने कानून की तरह फॉर्मूला नहीं अपनाया। ऐसे में उपभोक्ताओं पर सरचार्ज लगाने के प्रस्ताव को तुरंत खारिज किया जाना चाहिए।
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Published: 28 Jul 2023, 12:01 PM IST