
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वो किसानों के समर्थन में कल (सोमवार) एक दिन का उपवास रखेंगे। उन्होंने लोगों से भी उपवास रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सब लोग अपने घर मे एक दिन का उपवास रखें और किसानों की मांग का समर्थन करें।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “किसानों को पूरी आजादी मिलनी चाहिए कि उनकी फसल हिंदुस्तान में कहीं भी जा सकती है, कोई रोकेगा नहीं। आपकी फसल पर अलग से मंडी का टैक्स नहीं लगेगा। इस साल भारत सरकार ने MSP के अंतर्गत 60 हजार करोड़ का धान खरीदा है, जिसमें से 60 प्रतिशत पंजाब से खरीदा गया।”
किसानों के आंदोलन पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग आज कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, वे सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं पहले इन सुधारों की आवश्यकता को जाहिर किया था। लेकिन हम लोगों को जागरूक करेंगे कि किसानों के लिए यह कृषि कानून कैसे फायदेमंद होंगे।
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने केक काटकर अपनी बेटी का जन्मदिन मनाया। उन्होंने बताया, "मेरी बेटी का पहला जन्मदिन है, शादी के 9 साल बाद बेटी का जन्म हुआ। ये संघर्ष चाहे छह महीने चले या साल, हम वापस नहीं मुडेंगे।"
हरियाणा बॉर्डर के पास राजस्थान के शाहजहांपुर में किसानों ने जाम लगा दिया है। किसानों के इस कदम से दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम हो गया है। जाम को देखते हुए पुलिस ने बहरोड से वाहनों को डायवर्ट कर दिया है। नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर भारत की एकता और अखंडता को चुनौती दी जा रही है। किसान भाईयों के कंधों पर बंदूक रखकर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य किया जा रहा है। ये स्वीकार्य नहीं हो सकता है।”
आम आदमी पाटी के नेता गोपाल राय ने कहा, “कल दिल्ली में आईटीओ पार्टी मुख्यालय पर पार्टी के पदाधिकारियों, विधायकों और पार्षदों द्वारा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसानों के समर्थन में सामूहिक उपवास किया जाएगा। आम आदमी पार्टी किसानों की मांगों के समर्थन में पूरी तरह से हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है।”
किसानों आंदोलने के बीच केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का अहम बायान आया है। उन्होंने कहा कि हम किसानों और उनके प्रतिनिधियों के संपर्क में हैं और मुझे लगता है कि जल्द ही अगली बैठक होगी।
कैलाश चौधरी ने कहा कि दो कदम अगर किसान आगे बढ़ेगा तो दो कदम सरकार आगे बढ़ेगी और इसका हल निकालें। वरना इन लोगों ने तो 60 साल सिर्फ राजनीति की थी और आज भी ये किसान का इस्तेमाल कर आगे बढ़ना चाहते हैं।
राजस्थान के किसानों की दिल्ली कूच की खबर पर रेवाड़ी के एसपी अभिषेक जोरवाल ने कहा कि हरियाणा पुलिस राजस्थान पुलिस से लगातार कोआर्डिनेशन बनाकर चल रही है। जैसे ही किसान राजस्थान से निकलेंगे उन्हें सूचना मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भिवाड़ी और रेवाड़ी ट्रैफिक को डाइवर्ट किया जाएगा। रेवाड़ी के एसपी ने कहा कि यहां धारा-144 लगाई गई है। इसलिए उन्हें न तो यहा इकट्ठा होने दिया जाएगा और न ही आगे बढ़ने दिया जाएगा। रेवाड़ी में तीन कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स और जिला पुलिस की तैनाती की गई है।
केंद्रीय मंत्रियों द्वारा किसानों को माओवादी, राष्ट्रविरोधी कहने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मंत्री किसानों को खालिस्तानी, पाकिस्तानी एजेंट बता रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि फिर सराकर उनसे बात क्यों कर रही है।
किसान आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि वामपंथी और माओवादी ताकतें किसान आंदोलन को कब्जाने की कोशिश कर रही हैं। सरकार और किसानों की बातचीत असफल होने में इन ताकतों का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसे लोगों से बचना चाहिए।
राजस्थान-हरियाणा के जयसिंहपुर-खेड़ा सीमा के पास शाहजहांपुर में किसान जमा हो रहे हैं। राष्ट्रीय किसान महासभा राजस्थान के संयोजक ने बताया, "राजस्थान के और संगठन और कार्यकर्ता यहां आ रहे हैं। अधिक लोगों के आने के बाद हम दिल्ली कूच करेंगे।”
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षा बल तैनात है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, “न्यूनतम समर्थन मूल्य तीन कानून और किसान के जितने भी मुद्दे हैं। उन पर सरकार बातचीत करे और इनका समाधान करे। जब तक यह (कानून) वापस नहीं होते किसान यहां से नहीं जाएगा।”
सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। अलग-अलग राज्यों के किसान बॉर्डर का रुख कर रहे हैं। राजस्थान के किसान भी सिंघु बॉर्डर पहुंच गए हैं।
किसान 14 दिसंबर को सारे देश के डीसी ऑफिस में प्रदर्शन करेंगे। साथ ही 14 दिसंबर को ही सुबह 8 से 5 बजे तक अनशन पर बैठेंगे।
किसानों आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। सिद्धू ने ट्वीट कर कहा है कि किसान कोई कर्जमाफी या सब्सिडी नहीं मांग रहे हैं। वे अपने हक की कमाई और उचित कीमतों के लिए लड़ रहे हैं। केंद्र सरकार ने स्वामिनाथन आयोग के सी2 फार्मूले को लागू करने के बजाय किसान की आय पर कब्जा कर रही है। केंद्र सरकार ने किसानों की आय डबल करने का वादा किया, लेकिन उन्हें 6000 रुपये दे दिए यानी कि 500 रुपये हर महीने का लॉलीपॉप पकड़ा दिया।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन का आज 18वां दिन है। आज राजस्थान बॉर्डर से हजारों किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और दिल्ली-जयपुर हाईवे बंद करेंगे। शनिवार को किसान नेताओं ने और सख्त तेवर अपनाते हुए 14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर जाने का ऐलान किया।
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Published: 13 Dec 2020, 8:42 AM IST