
यूएन मानवाधिकार ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन पर पहली बार अपना बयान दिया है। संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्था ने किसान आंदोलन को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों दोनों से एक खास अपील की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने प्रदर्शनकारियों और प्रशासन से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और अभिव्यक्ति के अधिकारों की ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों जगह सुरक्षा होनी चाहिए। बता दें कि ये पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र ने भारत में बीते दो महीने से ज्यादा वक्त से दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान प्रदर्शन अपना बयान दिया है।
वहीं शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करके कहा कि MEA द्वारा खंडन की प्रतीक्षा। भारत सरकार ने हमारे राष्ट्र को असहिष्णु और अलोकतांत्रिक बना दिया है।
किसान आंदोलन को लेकर हाल में कुछ विदेशी हस्तियों ने प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। हालांकि इस पर भारत सरकार ने आपत्ति जताई थी। किसान आंदोलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय गायिका रिहाना, अमरीकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस की भांजी मीना हैरिस, पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और पूर्व पॉर्न स्टार मिया खलीफा अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।
इन लोगों के बयान के बाद भारत सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उनके दव्रा किए गए ट्वीटस पर किसी का नाम लिए बगैर टिप्पणी की और कहा कि सोशल मीडिया पर बड़ी हस्तियों को जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करना चाहिए।
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