हालात

असम में बाढ़ का कहर, सिलचर में सभी श्मशान और कब्रिस्तान पानी में डूबे, दाह संस्कार, दफनाने की जगह नहीं

लोग इमारतों में अपनों के बेजान शवों के साथ बेसब्री से मदद की तलाश में इंतजार कर रहे थे। कुछ लोग शवों को कब्रगाह की तलाश में अस्थायी नावों में ले जा रहे थे।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

असम के सिलचर शहर के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बाढ़ के कारण सभी श्मशान और कब्रिस्तान पानी में डूब गए हैं।

लोग इमारतों में अपनों के बेजान शवों के साथ बेसब्री से मदद की तलाश में इंतजार कर रहे थे। कुछ लोग शवों को कब्रगाह की तलाश में अस्थायी नावों में ले जा रहे थे।

जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वायु सेना के संचयी प्रयासों के बावजूद अब तक नागरिकों को कोई राहत नहीं मिली है। बराक नदी के जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद बाढ़ की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

सिलचर के नागरिकों को अभी भी पीने के पानी और भोजन की सख्त जरूरत है, उनमें से हजारों अभी भी इमारतों के अंदर फंसे हुए हैं और निचली मंजिल पूरी तरह से जलमग्न है।

हालांकि जिला प्रशासन राहत सामग्री के पैकेट गिराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नागरिक उन्हें इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि सादे छतों या उन्हें गिराने के लिए जमीन की कमी के कारण पैकेज पानी पर गिरते दिखाई दे रहे हैं।

सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • कांग्रेस ने परगट सिंह को बनाया पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष, आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश की कमान

  • ,
  • बड़ी खबर LIVE: प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर भड़के राहुल गांधी, कहा- ज्ञानेश जाएंगे और उन्हें बिठाने वाला सिस्टम भी जाएगा

  • ,
  • बिहार में बाढ़ का कहर, गंडक का एक और तटबंध टूटा, सारण के नए इलाकों में घुसा पानी, NDRF-SDRF की 19 टीम तैनात

  • ,
  • दुनिया की खबरें: ट्रंप का दावा- डीजल भंडार जारी करने पर राजी हुआ यूरोप और यूक्रेन में रूसी हमलों से 3 पुल तबाह

  • ,
  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब सड़क पर उतरेंगे किसान, संयुक्त किसान मोर्चा ग्राम महापंचायतों में तय करेगा रणनीति