
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा के सेक्टर 82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी के अपने किराए के फ्लैट में खुदकुशी कर ली है। उनका शव कमरे में पंखे से लटका मिला है। राकेश मेहता 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली के मुख्य सचिव रहे थे।
मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें कथित तौर पर उन्होंने इस आत्मघाती कदम के लिए बीमारियों को जिम्मेदार ठहराया है। अंग्रेजी में लिखे एक पन्ने के सुसाइड नोट में मेहता ने स्पष्ट किया कि वह अपनी बीमारियों से तंग आ चुके थे। बताया जा रहा है कि वह हाइपरटेंशन, बीपी, शुगर और हाथ-पैर कांपने की समस्या से पीड़ित थे। मंगलवार को उनके परिजनों ने पुलिस से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
राकेश मेहता 1975 बैच के आईएएस अधिकारी थे और उन्होंने 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला था। वह तीन साल से अधिक समय तक इस पद पर रहने के बाद नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए थे। 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था।
राकेश मेहता को राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन, बिजली और नागरिक बुनियादी ढांचे की कई प्रमुख परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का श्रेय दिया जाता है। शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली में हुए अभूतपूर्व विकास के के कार्यों में भी मेहता की भूमिका थी। मुख्य सचिव बनने से पहले वे दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।
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