
केंद्र की मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि बिलों के विरोध में गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए हरसिमरत कौर ने कहा, “मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है।”
Published: 17 Sep 2020, 10:16 PM IST
इससे पहले दिन में अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में ऐलान किया था कि खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल कृषि बिलों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे देंगी, क्योंकि सरकार ने पंजाब और हरियाणा के किसानों के चौतरफा विरोध के बावजूद कृषि क्षेत्र से जुड़े दो और बिल आज लोकसभा में पेश कर दिए।
Published: 17 Sep 2020, 10:16 PM IST
सुखबीर बादल ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, “शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है।” बादल ने कहा, “हम एनडीए के साथी हैं। हमने सरकार को किसानों की भावना बता दी। हमने इस विषय को हर मंच पर उठाया। हमने प्रयास किया कि किसानों की आशंकाएं दूर हों लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।”
Published: 17 Sep 2020, 10:16 PM IST
गौरतलब है कि केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि हैं। अकाली दल, बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी है। लेकिन पंजाब के किसानों द्वारा केंद्र के नए कृषि विधेयकों के हो रहे विरोध को देखते हुए अकाली दल को भी कड़ा फैसला लेना पड़ा। इससे पहले अकाली दल ने ऐसे तीन बिलों में से पहले बिल का विरोध किया था, जिसे लोकसभा से पहले ही पारित कर दिया गया है।
Published: 17 Sep 2020, 10:16 PM IST
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Published: 17 Sep 2020, 10:16 PM IST