
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का असर अब गंभीर रूप में दिखाई देने लगा है। राज्य में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में इस मॉनसूनी सीजन में अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड, फिसलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पहाड़ी नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश ने सड़क संपर्क को भी नुकसान पहुंचाया है। भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के कारण पूरे हिमाचल में 109 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।
सोमवार को कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में प्राथमिक पाठशाला पांकवा का भवन भूस्खलन की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। इस घटना के बाद स्कूल के साथ लगा एक मकान भी खतरे की जद में आ गया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
वहीं, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में बाता नदी पर बना 1962 का पुराना पुल तेज बहाव के कारण सोमवार दोपहर टूट गया। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि छह साल पहले पुराने पुल के पास ही नया पुल बनाया गया था, जिससे इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ।
राज्य में बारिश और भूस्खलन का सबसे ज्यादा असर सड़क नेटवर्क पर पड़ा है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक, सोमवार शाम तक कुल 109 सड़कें बंद थीं। इनमें सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में प्रभावित हुई हैं। इसके बाद कुल्लू में 39, सिरमौर में 8, शिमला और चंबा में 6-6, कांगड़ा में 5 और ऊना जिले में 2 सड़कें बंद हैं।
इसके अलावा भारी बारिश के कारण राज्य की 30 वॉटर सप्लाई स्कीम और 6 ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। आईएमडी के अनुसार, 4 अगस्त को ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा में, 5 अगस्त को कांगड़ा और चंबा में तथा 6 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और शिमला में भारी बारिश हो सकती है।
शिमला स्थित आईएमडी हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में सक्रिय मानसून का प्रभाव बना रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 3 से 7 अगस्त के बीच हिमाचल में बारिश जारी रह सकती है और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। हालांकि, अभी तक राज्य के लिए अचानक बाढ़ की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हिमाचल में बारिश और भूस्खलन के बीच लाहौल-स्पीति में उदयपुर-पांगी सड़क मार्ग पर चट्टान गिरने से एक वाहन में सवार 13 लोगों की मौत की घटना से शोक की लहर है। लगातार बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के बीच पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए