
दिल्ली में कूड़े की ढेर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उपराज्यपाल को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने एलजी से कहा कि आप खुद को सुपरमैन कहते हो लेकिन करते हुए कुछ नहीं।
सुप्रीम कोर्ट कहा कि हर मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को ना घसीटें और बस इतना बताएं कि कूड़े का ढेर कब हटेगा। कोर्ट ने कहा कि कूड़े के पहाड़ का एक हिस्सा गिरने से एक आदमी की मौत हो जाती है और आप लोग अभी भी इसको लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। इसको लेकर एमिक्स क्यूरी कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा कि मीटिंग में तय हुआ था कि हर दिन दो बार सफाई होगी। सफाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों के नाम वेबसाइट पर होंगे। मगर उपराज्यपाल सफाई से संबंधित मीटिंग में न खुद आए न ही किसी प्रतिनिधि को भेजा। सुप्रीम कोर्ट बस इसी बात पर नाराज हो गया।
उपराज्यपाल की तरफ से दायर किए गए हलफनामे में कोर्ट को बताया गया कि कचरा प्रबंधन के लिए निगम जिम्मेदार है और हम इस पर लगातार बैठक कर रहे हैं। बैठक को लेकर कोर्ट ने एलजी पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि चाहे बैठक करें या 50 कप चाय पी जाए, लेकिन बैठक की है तो उसकी टाइमलाइन और स्टेटस रिपोर्ट पेश कीजिए।
सुनवाई के दौरान नाराज कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर तीन लैंडफिल साइटों (गाजीपुर, ओखला और भलस्वा) का कूड़ा कब तक उठवाएंगे? लैंडफिल साइट पर पड़े कूड़े की ऊंचाई कुतुब मीनार से मात्र 8 मीटर कम रह गई है। आप लोग इसके लिए क्या कर रहे हैं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एलजी के दफ्तर से पूछा था कि दिल्ली में कूड़े के पहाड़ के लिए कौन जिम्मेदार है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से इस बारे में हलफनामा दायर करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि वो इस मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ठ करें कि उन्होंने ठोस कचरे के निस्तारण के लिए क्या कुछ किया है।
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Published: 12 Jul 2018, 3:57 PM IST