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SIR के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन, संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च, कई नेता हिरासत में लिए गए

INDIA गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की।

फोटो: PTI
फोटो: PTI 

चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों ने सोमवार को संसद से सड़क तक विरोध मार्च शुरू किया। 140 से अधिक सांसद संसद भवन से निकलकर निर्वाचन सदन की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। मार्च के दौरान राहुल गांधी भी विपक्षी सांसदों के साथ नजर आए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी बस से निकलकर आकाशवाणी भवन पहुंचे। विपक्षी नेताओं का यह मार्च मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के विरोध में आयोजित किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है।

विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है और विपक्ष अपनी आवाज लगातार उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के खिलाफ विपक्ष मजबूती से खड़ा रहेगा।

विपक्षी दलों ने इस प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, SIR प्रक्रिया को रद्द किया जाए और चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएं।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले कई चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अखिलेश ने 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उठे सवालों और चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद का भी जिक्र किया।

कांग्रेस ने SIR को लेकर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने SIR प्रक्रिया को लेकर कानूनी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसका मकसद मतदाताओं को जोड़ने के बजाय उन्हें मतदाता सूची से बाहर करना है।

उन्होंने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाया और कहा कि चुनाव आयोग की ओर से किए गए कुछ बदलाव उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मनमाने तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव किया है।

‘देश को कब तक रोकेंगे’, पवन खेड़ा का सरकार पर हमला

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह विरोध केवल शुरुआत है और विपक्ष आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष को रोक सकती है, लेकिन पूरे देश की आवाज को नहीं रोक सकती। खेड़ा ने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच कथित संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सवाल चुनाव आयोग से पूछ रहा है, लेकिन जवाब भाजपा की ओर से दिया जा रहा है।

डी. राजा बोले- चुनाव में गड़बड़ी हुई तो लोकतंत्र का क्या मतलब?

सीपीआई महासचिव डी. राजा ने भी SIR को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे संविधान के प्रावधानों के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव प्रक्रिया में ही गड़बड़ी होगी तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा। वहीं, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने प्रदर्शन को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा और अगर उसे आगे बढ़ने से रोका गया तो वह जहां रोका जाएगा, वहीं से विरोध जारी रखेगा।

INDIA ब्लॉक का कहना है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बता रहा है। दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं की मांग है कि चुनाव आयोग इस पूरी प्रक्रिया को वापस ले और मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें।

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