
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की परमाणु निगरानी एजेंसी आईएईए को पत्र लिखकर अमेरिका और इजरायल द्वारा देश के एकमात्र चालू संयंत्र को चार बार निशाना बनाने की निंदा की है। ईरान ने आईएईए पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए परमाणु संयंत्र पर हमले के कारण रेडिएशन लीक की चेतावनी दी है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के परमाणु परियोजना प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने इस पूरे मामले पर इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के निदेशक रफेल ग्रॉसी को खत लिखा है। मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि एजेंसी की निष्क्रियता के कारण उसके न्यूक्लियर प्लांट्स पर हमले बढ़ रहे हैं।
Published: undefined
इस्लामी ने आईएईए की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी चुप्पी हमलावरों को बढ़ावा दे रही है। उसके बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को अब तक चार बार निशाना बनाया जा चुका है। शनिवार को इसके आस-पास हुए सबसे हालिया हमले में सुरक्षा स्टाफ का एक सदस्य मारा गया और अन्य घायल हो गया। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों से रेडियोधर्मी पदार्थ के रिसाव का खतरा बढ़ता है, जिससे इंसानों, पर्यावरण और पड़ोसी देशों को गंभीर नुकसान भुगतने पड़ सकते हैं। ऐसी क्षति हो सकती है जिसकी भरपाई मुश्किल होगी।
Published: undefined
इस्लामी ने यह भी स्पष्ट किया कि विचाराधीन सैन्य अभियान जिनेवा कन्वेंशन और उससे जुड़े प्रोटोकॉल, आईएईए के विधान, एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि), ईरान के व्यापक सुरक्षा समझौते (आईएनएफसीआईआरसी/214), और आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा पारित प्रस्तावों और एजेंसी के सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हैं। ईरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि केवल चिंता जताना काफी नहीं है, बल्कि एजेंसी को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "केवल चिंता व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इससे आक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद होते हैं।"
Published: undefined
रविवार को बुशहर प्लांट पर हमले की आलोचना विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने भी की थी। टेड्रोस ने एक्स प्लेटफॉर्म पर कहा, "ये हमला हमें कुछ याद दिलाता है और सचेत रहने की सलाह देता है: एक हमला न्यूक्लियर हादसे को ट्रिगर कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर पड़ा असर पीढ़ियों को तबाह कर सकता है। इस बढ़ते संघर्ष के हर गुजरते दिन के साथ, खतरा बढ़ता जा रहा है।”
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined