
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 26 सीटों के लिए हुए मतदान में 56 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा।
छह जिलों में 26 सीटों के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, लेकिन इनमें से 20 क्षेत्रों में 2014 के विधानसभा चुनावों की तुलना में थोड़ा कम मतदान हुआ, जब कुल मतदान 60 प्रतिशत रहा था।
अठारह सितंबर को हुए पहले चरण के चुनाव में करीब 61.38 प्रतिशत मतदान हुआ था। अंतिम चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा। विधानसभा चुनाव 10 वर्षों के बाद हो रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी के पोले ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दूसरे चरण में 56.05 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि हजरतबल और रियासी जैसे कुछ स्थानों से अद्यतन जानकारी मिलने के साथ मतदान प्रतिशत में बदलाव हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं, लेकिन कहीं भी पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं है।’’
जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पोले ने कहा, "सबसे अधिक मतदान प्रतिशत श्री माता वैष्णो देवी, कटरा विधानसभा क्षेत्र में हुआ है, 79.95% और कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान अभी भी जारी है। रियासी जिले में, 3 विधानसभा क्षेत्र हैं और यहां सबसे अधिक 74.14 प्रतिशत मतदान हुआ है। पुंछ में 73.78%, राजौरी में 69.85%, गंदेरबल में 62.63% और बडगाम में 61.31% और श्रीनगर में 29.24% मतदान हुआ है, जहां कुछ मतदान केंद्रों पर अभी भी मतदान जारी है..."
चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव में शाम 7 बजे तक मतदान केंद्रों पर 54.11% मतदान दर्ज किया गया। आज सुबह 7 बजे शुरू हुए 26 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान बिना किसी हिंसा की घटना के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। दूसरे चरण के मतदान वाले इन छह जिलों में दर्ज कुल मतदान प्रतिशत ने लोकसभा चुनाव 2024 में दर्ज मतदान प्रतिशत को भी पार कर लिया है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार शाम पांच बजे तक 54 प्रतिशत मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी। मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार जम्मू क्षेत्र में श्री माता वैष्णो देवी सीट पर सबसे अधिक 75.29 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसके बाद पुंछ-हवेली में 72.71, गुलाबगढ़ (आरक्षित) में 72.19 और सुरनकोट 72.18 का स्थान रहा।
कश्मीर घाटी में 15 विधानसभा क्षेत्रों में से खानसाहिब सीट पर 67.70 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद कंगन (आरक्षित) में 67.60 प्रतिशत और चरार-ए-शरीफ में 66 प्रतिशत मतदान हुआ। हब्बाकदल निर्वाचन क्षेत्र में शाम पांच बजे तक सबसे कम 15.80 प्रतिशत मतदान हुआ।
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "हम चाहते थे कि चुनाव से पहले राज्य का दर्जा बहाल हो जाए। जम्मू-कश्मीर के सभी लोग चाहते थे कि राज्य का दर्जा बहाल होने के बाद चुनाव हों...ऐसा नहीं हुआ, पहला कदम चुनाव है। लेकिन इसके बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना होगा। इसके लिए इंडिया अलायंस संसद में पीएम मोदी पर दबाव बनाएगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम केंद्र में इंडिया अलायंस की सरकार बनते ही आपका राज्य का दर्जा बहाल कर देंगे। अगर हम चाहते हैं कि यह सेब अमेरिका और जापान तक पहुंचे, तो राज्य का दर्जा बहाल करना होगा...।"
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में ‘‘इतिहास रचा’’ जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कभी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बहिष्कार का आह्वान किया जाता था, वहां आज मतदान केंद्रों के बाहर लोग लंबी कतारों में खड़े हैं।
केंद्रशासित प्रदेश में दूसरे चरण के चुनाव में बुधवार को 26 विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे मतदान के बीच कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस चरण का शत-प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज हो रहा है और कोई भी भी देख सकता है कि वोट डालने के लिए युवा, महिलाएं, बुजुर्ग कतारों में खड़े हैं एवं अपनी बारी का धैर्य के साथ इंतजार कर रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने साथी निर्वाचन आयुक्तों ज्ञानेश कुमार एवं सुखबीर सिंह संधू की उपस्थिति में कहा, ‘‘यह लोकतंत्र का पर्व है। उन क्षेत्रों में मतदान हो रहा है जहां पहले मतदान नहीं हुआ... अतीत में रूकावट डालने और बहिष्कार करने का आह्वान किया जाता था...। यह (वर्तमान मतदान) लोकतंत्र का उचित सम्मान है।’’ चुनाव प्रक्रिया में मतदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी की तारीफ करते हुए कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इतिहास रचा जा रहा है और इसके प्रभाव को लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "जम्मू-कश्मीर को वहां के लोग नहीं चलाते हैं, आज जम्मू-कश्मीर को दूसरे राज्य के लोग चलाते हैं। हमने सोचा था कि चुनाव से पहले आपको राज्य का दर्जा वापस मिल जाएगा और यही सही तरीका होता। लेकिन पहले चुनाव करा दिए। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा आपको वापस मिले।"
जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, "लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए निकल रहे हैं। हमें बहुत खुशी है कि पूरी घाटी और जम्मू में उत्साह के साथ मतदान हो रहा है। चाहे श्रीनगर की घाटी हो, चाहे वो ऊंची पर्वत चोटियां हों जहां से व्यवधान के आह्वान आते थे, हर जगह लोग मतदान करने के लिए निकल रहे हैं। यहां तक कि उन इलाकों में भी जहां बहिष्कार के आह्वान होते थे, मतदाताओं में उत्साह है। यह दुनिया को देखना है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कैसे हो सकते हैं। विधानसभा चुनाव देखने के लिए बड़ी संख्या में राजनयिक भी इलाके में हैं।"
चरार-ए-शरीफ विधानसभा क्षेत्र से पीडीपी उम्मीदवार गुलाम नबी लोन हंजूरा ने कहा, "बड़ा अच्छा माहौल है। लोग इस चुनाव का पिछले 10 साल से इंतजार कर रहे थे। लोगों में बहुत उत्साह है।"
अपनी पार्टी के अध्यक्ष और चनापोरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार अल्ताफ बुखारी ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों को मुबारकबाद यह उनकी ही कोशिशों का नतीजा है कि चुनाव हो रहे हैं। सरकार को प्रतिक्रिया देनी चाहिए, यह बदलाव जो लोगों के सोच में दिख रहा है वह अच्छा है। उन्हें उम्मीद है कि अब उनका(जनता) खास ध्यान रखा जाएगा। मेरी अपील है कि शांतिपूर्ण तरीके से निकल कर अपना मतदान करें।"
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे और पार्टी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए श्रीनगर के एक मतदान केंद्र पर मतदान किया। उमर अब्दुल्ला बडगाम और गंदेरबल से पार्टी के उम्मीदवार हैं।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और गंदेरबल व बडगाम विधानसभा सीट से उम्मीदवार उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हम 10 साल से (चुनावों के लिए) इंतज़ार कर रहे हैं और पहला चरण अच्छा रहा है। हमें दूसरे चरण से भी अच्छे मतदान की उम्मीद है। यह भागीदारी भारत सरकार की वजह से नहीं है, बल्कि भारत सरकार द्वारा किए गए हर काम के बावजूद है। उन्होंने लोगों को अपमानित किया है और सरकार की सारी मशीनरी लोगों को हिरासत में रखने और परेशान करने में लगी है। हां, इसमें मेरी व्यक्तिगत हिस्सेदारी है लेकिन सभी चरण महत्वपूर्ण हैं।"
जम्मू-कश्मीर के राजौरी के SSP रणदीप कुमार ने कहा, "हम सुबह से देख रहे हैं कि लोग मतदान करने के लिए निकले हैं। जहां तक सुरक्षा का सवाल है, हमने सभी इंतजाम किए हैं। जहां भी हमें लगा कि सुरक्षा की जरूरत है, वहां सुरक्षा तैनात की गई है। हमने सीमावर्ती इलाकों में भी पर्याप्त इंतजाम किए हैं, अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। CAPF और सेना भी वहां तैनात है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, "आज जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान है। मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे अपना वोट डालें और लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस अवसर पर मैं उन सभी युवा साथियों को बधाई देता हूं जो पहली बार वोट करने जा रहे हैं।"
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के दूसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो गया है। 6 जिलों की 26 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है, जिनमें 3 जिले जम्मू डिवीजन में हैं और 3 जिले घाटी के शामिल हैं।
दूसरे चरण में करीब 25 लाख मतदाता 239 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। चुनाव आयोग ने 3,502 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें से 1,056 शहरी और 2,446 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
इस चरण में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जेकेपीसीसी अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा और बीजेपी जम्मू-कश्मीर प्रमुख रविंद्र रैना समेत कई उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है।
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Published: 25 Sep 2024, 7:25 AM IST