
पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत खारिज करने वाले हाईकोर्ट के जज सुनील गौड़ को पीएमएलए कोर्ट का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ट्वीट कर तंज कसा है। उन्होनें ट्वीट करते हुए कहा, “ये है ‘नए भारत’ में न्याय की दशा और दिशा।”
बता दें कि जस्टिस गौर ने अपने रिटायर होने से महज दो दिन पहले चिदंबरम की याचिका पर फैसला सुनाया था। जबकि इस याचिका पर सुनवाई जनवरी में पूरी कर ली गयी थी और जस्टिस गौर ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। लेकिन अचानक रिटायर होने से दो दिन पहले उन्होंने याचिका पर फैसला सुनाकर चिदंबरम की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी।
जज गौर को रिटायरमेंट के तुरंत बाद पद मिलने पर सवाल उठने लगा है। इससे आसानी से समझा जा सकता है कि जमानत याचिका के रद्द होने के पीछे की क्या कहानी है। इससे एक बार फिर संस्थाओं और खासकर न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठ गया है।
ऐसा ही मामला इससे पहले भी देखने को मिला है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे सताशिवम ने अपने कार्यकाल के दौरान सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जमानत दी थी। जिस समय अमित शाह को जमानत मिली थी वे उस समय जेल में बंद थे। इसके बाद जमानत देने वाले जज सताशिवम रिटायर होने के बाद उन्हें केरल का राज्यपाल बना दिया गया था। उस फैसले पर भी लोगों ने बेहद एतराज जताया था।
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Published: 28 Aug 2019, 2:05 PM IST