
मध्य प्रदेश के 46 नगरीय निकायों में आज सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। 8 लाख 42 हजार 515 मतदाता 1212 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, मतगणना 30 सितंबर को सुबह 9 बजे से शुरू होगी। वैसे तो यह छोटा चुनाव है, लेकिन विधानसभा और लोकसबा चुनाव से पहले इनके नतीजों में बड़ा संदेश छुपा माना जा रहा है। यही कारण है कि सत्ताधारी बीजेपी और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इन चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
जिन नगरीय निकायों में चुनाव हो रहा है, वह सभी क्षेत्र 18 जिलों में आते हैं और इनमें से अधिकांश जनजाति बाहुल्य है, लिहाजा दोनों दल इन इलाकों में जीत दर्ज कर सियासी तौर पर बड़ा संदेश देना चाहते हैं। यही कारण है कि बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने एक-एक क्षेत्र में पहुंचकर जनसभाएं की, कार्यकर्ताओं की बैठकें की और कारगर रणनीति पर जोर दिया। इसी तरह कांग्रेस की ओर से प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने हर दूरदराज इलाके तक पहुंचने की कोशिश की।
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के तमाम क्षेत्रीय नेता नगरीय निकाय के चुनाव में सक्रिय नजर आए, क्योंकि इन चुनावों की हार जीत उन इलाकाई नेताओं के भविष्य को तय करने वाले हैं। बीजेपी की पूरी कमान प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री चौहान और प्रदेशाध्यक्ष शर्मा के हाथ में रही तो दूसरी ओर कांग्रेस की सारी जिम्मेदारी प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के हाथों में रही।
मतदान की तारीख के लगभग एक सप्ताह पहले से दोनों ही राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं ने सक्रियता बढ़ाई और उन्होंने हर मतदाता का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो वहीं संगठन और सत्ता से जुड़े लोगों को जमीन पर पहुंचने को मजबूर कर दिया।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
Published: 26 Sep 2022, 10:53 PM IST