
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने नागपुर ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की है। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने बीजेपी प्रत्याशी सुधाकर कोहाले को हराकर लगातार दूसरी बार इस सीट पर कब्जा जमाया। इससे पहले वंजारी ने 2020 में भी यह सीट जीती थी।
जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने कहा कि बीजेपी ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी और पार्टी के कई बड़े नेता नागपुर में मौजूद थे। इसके बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ी और महाविकास अघाड़ी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी मिलकर काम किया। वंजारी के मुताबिक, उनके चुनाव प्रचार में 48 संगठनों ने सहयोग किया था। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय इन संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को पांच में से दो सीटों पर जीत मिली, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी ने तीन सीटों पर सफलता हासिल की।
बीजेपी ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे केवल एक सीट पर जीत मिली। वहीं, उसकी सहयोगी शिवसेना ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और एक सीट जीतने में सफल रही। विपक्ष की ओर से शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस ने भी दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, जिनमें से एक को सफलता मिली।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय वाले नागपुर में ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। यहां कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहाले को शिकस्त दी।
मतगणना के दौरान मुकाबला आखिरी दौर तक बना रहा। पहले चरण में पहली पसंद के वोटों की गिनती में वंजारी अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे थे। हालांकि, दूसरी पसंद के वोटों की गिनती में कोहाले ने बढ़त बना ली।
किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी वोटों का कोटा नहीं मिलने के कारण मतगणना आगे बढ़ी। इसके बाद NCP (SP) के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार नीलेश करांडे के दूसरी पसंद के वोटों की गिनती की गई। इस चरण में वंजारी ने अंतर कम किया और अंततः करीब 2,500 वोटों से जीत हासिल की।
नागपुर ग्रेजुएट सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार नीलेश करांडे ने करीब 25 हजार बीजेपी विरोधी वोट हासिल किए थे। उनके चुनाव मैदान में होने से कांग्रेस उम्मीदवार की राह मुश्किल होने की आशंका जताई जा रही थी।
हालांकि, दूसरी पसंद के वोटों की गिनती में करांडे के मतपत्रों से वंजारी को कोहाले की तुलना में अधिक वोट मिले। इससे मुकाबले का रुख बदल गया और कांग्रेस उम्मीदवार जीत दर्ज करने में सफल रहे।
मतगणना पूरी होने और सभी नतीजे घोषित होने से पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महायुति के प्रदर्शन पर खुशी जताई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस पर निशाना साधे जाने के बाद फडणवीस ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को कुछ हासिल नहीं हुआ है। उन्होंने कांग्रेस के लिए 'बिग फैटी जीरो' शब्दों का इस्तेमाल किया।
हालांकि, इसके करीब एक घंटे के भीतर नागपुर में मतगणना का रुख बदलने लगा। शुरुआती दौर में पीछे चल रहे अभिजीत वंजारी ने बढ़त बनाई और आखिरकार सुधाकर कोहाले को हराकर जीत हासिल कर ली। इसके बाद फडणवीस को अपना ट्वीट हटाना पड़ा।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनाव कराए गए थे। इनमें पुणे ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, नागपुर ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र, छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे।
इन पांच सीटों पर कुल 182 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। चुनाव परिणामों में महाविकास अघाड़ी को तीन सीटें मिलीं, जबकि महायुति गठबंधन दो सीटों पर जीत दर्ज कर सका।
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