
मणिपुर में अलग-अलग जातीय संगठनों द्वारा बुधवार को बुलाए गए बंद के कारण राज्य के 16 में से 12 जिलों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को हुए बम हमले के विरोध में संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) द्वारा बुलाए गए पांच-दिवसीय बंद के चौथे दिन, घाटी के सभी पांच जिले प्रभावित रहे। इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी।
Published: undefined
अधिकारियों ने बताया कि इस आंदोलन के तहत इंफाल पश्चिम जिले के सगोलबंद और पात्सोई सहित कई इलाकों से सड़कों पर अवरोध की खबरें मिलीं।
यूनाइटेड नगा काउंसिल द्वारा बुलाए गए तीन-दिवसीय पूर्ण बंद के दूसरे दिन, छह पहाड़ी जिलों में नगा-बहुल इलाकों में भी आम जनजीवन प्रभावित हुआ। यह बंद 18 अप्रैल को उखरुल जिले के टीएम कासोम में घात लगाकर किए गए हमले में दो तांगखुल नगा लोगों की हत्या के विरोध में था।
अधिकारियों ने बताया कि बंद समर्थकों ने नोनी जिले और इंफाल पूर्व के याइंगंगपोकपी में भी सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे केंद्रीय सुरक्षा बलों की आवाजाही बाधित हुई।
Published: undefined
चुराचांदपुर जिले में, जोमी समन्वय समिति के तत्वावधान में विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए 13 घंटे के बंद ने दैनिक जीवन को प्रभावित किया। यह विरोध प्रदर्शन भाजपा विधायक वुंगज़ागिन वाल्टे के लिए न्याय की मांग को लेकर था।
वाल्टे मई 2023 में जातीय हिंसा के दौरान भीड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज चलता रहा। इस साल फरवरी में गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
Published: undefined
प्रभावित जिलों में स्कूल, बैंक, बाजार और अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन के साधन सड़कों से नदारद रहे।
कई जगहों पर केवल दवा की दुकानें ही खुली रहीं। सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति बहुत कम रही और सड़कें सुनसान नजर आ रही थीं।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined