
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर डेरा डाले आंदोलनकारियों को मंगलवार को सुरक्षा बलों ने हटा दिया। यह कदम मुंबई हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें कार्यकर्ता मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को दोपहर 3 बजे तक पास के आजाद मैदान को खाली करने का निर्देश दिया गया था।
दक्षिण मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन सीएसएमटी पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और दंगा नियंत्रण बल (RAF) की तैनाती की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, करीब 60 दंगा नियंत्रण जवान समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी स्टेशन परिसर में मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों के सीएसएमटी में डेरा जमाने से पिछले चार दिनों से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्टेशन परिसर में लगातार भीड़ रहने की वजह से कॉनकोर्स और प्लेटफार्म पर आवाजाही बाधित हो रही थी। जीआरपी अधिकारी माइक्रोफोन के जरिए लगातार घोषणाएं कर रहे थे और प्रदर्शनकारियों से स्टेशन खाली करने की अपील कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को स्टेशन परिसर से बाहर निकालते हुए उन्हें प्लेटफार्म पर बैठने से भी रोक दिया। मराठा समुदाय के कुछ नेताओं ने भी लोकल ट्रेन से आने वाले नए प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे स्टेशन खाली कर दें और आंदोलन को अन्य जगह जारी रखें।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रदर्शनकारियों को आजाद मैदान में जाकर आंदोलन जारी रखने के लिए कहा गया है। सीएसएमटी उपनगरीय कॉनकोर्स और प्लेटफार्म अब आंदोलनकारियों से पूरी तरह खाली करा दिए गए हैं।
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