हालात

'लाखों छात्रों ने सालभर की थी तैयारी, परीक्षा-माफियाओं के विरुद्ध..., नीट यूजी पर छात्र संगठनों की नाराजगी

छात्रों का कहना है कि परीक्षा में इस प्रकार की अनियमितता लाखों छात्रों के लिए बड़ी निराशा बनकर उभरी है। लाखों छात्र बीते पूरे साल से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे। ऐसे में परीक्षा रद्द होना और प्रश्न लीक होना इन छात्रों और अभिभावकों के लिए मानसिक, आर्थिक रूप से बड़ा झटका है।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

देशभर में 3 मई को आयोजित की गई, मेडिकल की नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसके बाद विभिन्न छात्र संगठन नीट यूजी पेपर लीक व परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर प्रश्न कर रहे हैं।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा में इस प्रकार की अनियमितता लाखों छात्रों के लिए बड़ी निराशा बनकर उभरी है। लाखों छात्र बीते पूरे साल से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे। ऐसे में परीक्षा रद्द होना और प्रश्न लीक होना इन छात्रों और अभिभावकों के लिए मानसिक, आर्थिक रूप से बड़ा झटका है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) का कहना है कि उनके निरंतर संघर्ष के बाद सरकार को नीट परीक्षा रद्द करनी पड़ी। लेकिन सिर्फ परीक्षा रद्द कर देने से न्याय पूरा नहीं होगा। जब तक पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क, एनटीए की जवाबदेही और इस पूरी मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी।

Published: undefined

एनएसयूआई का कहना है कि एनटीए जैसी संस्था को बंद किया जाए, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और पूरे पेपर लीक स्कैम की स्वतंत्र जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए। एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ का कहना है कि परीक्षा का रद्द हो जाना इस बात का प्रमाण है कि गड़बड़ी बड़े स्तर पर हुई थी पर कुछ सवालों के जवाब पर अभी भी चुप्पी है। उन्होंने कहा कि वे कौन से बड़े ग्रुप हैं जो इस पेपर लीक में शामिल थे। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं, पेपर लीक एवं विश्वसनीयता पर गहन चिंता व्यक्त की है।

Published: undefined

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कहना है कि विभिन्न रिपोर्ट्स में सामने आई जानकारी ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न की है। अभाविप का स्पष्ट मत है कि प्रवेश परीक्षाओं की सुचिता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। छात्र संगठन का कहना है कि परीक्षा से पूर्व प्रश्न लीक होना केवल परीक्षा प्रणाली पर आघात नहीं है, बल्कि वर्षभर मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केंद्र सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

Published: undefined

छात्रों का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों से जांच करवाई जाए और इसमें संलिप्त व्यक्तियों, परीक्षा-माफियाओं, किसी भी स्तर पर सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जांच पूर्ण होने तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पूरे प्रकरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों के समक्ष तथ्य स्पष्ट करे।

Published: undefined

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined