हालात

केरल में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, वायनाड समेत पांच जिलों में सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी

केरल में मानसून की शुरुआत के साथ ही देश में चार महीने के लंबे वर्षा ऋतु का आगाज हो जाता है। मानसून की प्रगति का सीधा असर कृषि, ग्रामीण आय, खाद्य कीमतों और समग्र आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।

केरल में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, वायनाड समेत पांच जिलों में सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी
केरल में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, वायनाड समेत पांच जिलों में सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी फोटोः IANS

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेज होने के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी करते हुए शनिवार के लिए मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड समेत पांच उत्तरी जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है।

आईएमडी के अनुसार, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में शनिवार को रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इनमें से तीन जिलों में रविवार को भी रेड अलर्ट बने रहने की संभावना है। इसके अलावा इडुक्की, त्रिशूर, एर्नाकुलम, कोट्टायम, पलक्कड़ और पथानमथिट्टा जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अलप्पुझा, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

मानसून के प्रभाव के चलते राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश से जुड़ी घटनाएं सामने आने लगी हैं। शुक्रवार सुबह कोझिकोड शहर में तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने विस्तृत सुरक्षा परामर्श जारी किया है। भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दिन के समय सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

जलभराव की आशंका वाले निचले इलाकों के निवासियों को आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों में स्थानांतरित होने को कहा गया है। लोगों को भारी बारिश के दौरान नदियों और अन्य जलाशयों में तैराकी, मछली पकड़ने या उन्हें पार करने से बचने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने मौसम सामान्य होने तक झरनों, पर्यटन स्थलों, जल निकायों और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी है।

केंद्रीय जल आयोग ने भी नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इसके साथ ही जलाशयों के किनारे वाली सड़कों तथा पेड़ों के गिरने और बिजली की लाइनों से जुड़े जोखिम वाले क्षेत्रों में यात्रा से बचने की चेतावनी दी है। आपात स्थिति में सहायता के लिए 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। लोग मदद के लिए 1077 और 1070 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

गौरतलब है कि केरल में मानसून की शुरुआत के साथ ही देश के चार महीने लंबे वर्षा ऋतु का आगाज हो जाता है। मानसून की प्रगति का सीधा असर कृषि, ग्रामीण आय, खाद्य कीमतों और समग्र आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। भारत में लगभग 51 प्रतिशत खेती योग्य भूमि वर्षा पर निर्भर है, ऐसे में मानसून की तीव्रता और उसका वितरण देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • बड़ी खबर LIVE: हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी का ऐलान, 'मोदी जी, सारी ताकत लगा लो, छात्रों की इंसाफ की लड़ाई अब नहीं रुकेगी'

  • ,
  • जंतर-मंतर पर आज फिर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ उमड़ी, लोग अब पीछे हटने के मूड में नहीं, जोश पहले से ज्यादा हाई

  • ,
  • खेल: गौतम गंभीर के निर्णयों पर श्रीकांत ने उठाए सवाल और स्वेदश पहुंची अर्जेंटीना की टीम का शानदार स्वागत

  • ,
  • प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने में शामिल हों- राहुल गांधी ने हर देशभक्त भारतीय के लिए जारी की अपील

  • ,
  • सिक्किम सुरंग हादसा: एनएचपीसी ने कहा, फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश जारी, अब तक 10 लोगों की हो चुकी है मौत