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संभल में मुहर्रम से पहले 900 से अधिक लोगों को किया गया पाबंद, शांति बनाए रखने के नाम पर कार्रवाई

डीएम ने कहा कि अन्य लोगों का सत्यापन अभी चल रहा है। कोई भी व्यक्ति संघर्ष पैदा करने या सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने का प्रयास करते पाया गया तो उस पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अगर वे परेशानी पैदा करेंगे, तो उनके जमानत बांड जब्त कर लिए जाएंगे।

संभल में मुहर्रम से पहले 900 से अधिक लोगों को किया गया पाबंद, शांति बनाए रखने के नाम पर कार्रवाई
संभल में मुहर्रम से पहले 900 से अधिक लोगों को किया गया पाबंद, शांति बनाए रखने के नाम पर कार्रवाई फोटोः सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुहर्रम से पहले किसी भी गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने 900 से अधिक लोगों को पाबंद किया है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने मीडिया को बताया कि शांति बनाये रखने और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए संभल में मुहर्रम से पहले 900 से अधिक लोगों पर प्रतिबंधात्मक नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।

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पेंसिया ने पत्रकारों के पूछे जाने पर कहा, ‘‘अब तक 900 से अधिक लोगों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत रखा गया है और अन्य लोगों का सत्यापन अब भी चल रहा है। कोई भी व्यक्ति संघर्ष पैदा करने या सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने का प्रयास करता हुआ पाया गया तो उस पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अगर वे परेशानी पैदा करते हैं, तो उनके जमानत बांड जब्त कर लिए जाएंगे।’’

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उन्होंने कहा कि निर्धारित जमानत की राशि व्यक्ति के पिछले रिकॉर्ड और उनके द्वारा उत्पन्न संभावित खतरे के आधार पर अलग-अलग होती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक लाख रुपये, दो लाख रुपये, तीन लाख रुपये या पांच लाख रुपये भी हो सकती है, जो व्यक्ति की पृष्ठभूमि और विवादों में पिछली संलिप्तता के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आकलन पर निर्भर करता है।’’

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जिलाधिकारी ने यह भी पुष्टि की कि बीएनएसएस की धारा 163 को निवारक उपायों के हिस्से के रूप में लागू किया गया है। एनएसएस की धारा 163 के अनुसार अगर किसी जगह पर लड़ाई-झगड़े, दंगे या लोगों की सुरक्षा को खतरा होने का डर हो, तो मजिस्ट्रेट (जैसे डीएम, एसडीएम) तुरंत धारा 163 के तहत एक आदेश जारी कर सकते है, जिसमें भीड़ इकट्ठा करना, हथियार लेकर चलना, या किसी इलाके में आने-जाने पर रोक लगा दी जाती है।

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मेरठ परिक्षेत्र में 574 ताजियों और 386 जुलूसों की ड्रोन से निगरानी

मोहर्रम के अवसर पर मेरठ परिक्षेत्र के चारों जनपदों- मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में कानून-व्यवस्था बनाये रखने हेतु व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को किसी भी नई परंपरा को अनुमति न देने, अवैध अस्त्र-शस्त्र रखने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और ताजियों को निर्धारित रूट और मानक ऊंचाई में निकालने के निर्देश दिए गए हैं। परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि चारों जनपदों में कुल 386 जुलूसों के साथ 574 ताजिए निकाले जाएंगे जिनपर निगरानी के लिए 27 जोन, 88 ‘सेक्टर’ एवं 59 ‘क्यूआरटी’ गठित की गई हैं और 51 संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है।

पुलिस के अनुसार मोहर्रम की मजलिसों की संख्या 191 है। मेरठ में 54, बुलंदशहर में 38, बागपत में एक और हापुड़ में 98 मजलिसें आयोजित की जाएंगी। मेरठ में सर्वाधिक 21 और हापुड़ में 11 संवेदनशील स्थल चिह्नित किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु परिक्षेत्र में सात अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 102 निरीक्षक, 432 उपनिरीक्षक, 1345 आरक्षी, 682 होमगार्ड/पीआरडी एवं एक कंपनी पीएसी की तैनाती की गई है।

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पुलिस का कहना है कि संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी और सभी प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी ‘कवरेज’ सुनिश्चित किया गया है। सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने, शांति समितियों की बैठकें करने, मार्गों की सफाई, आकस्मिक योजना तैयार करने और आवश्यकतानुसार पुलिस चौकियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

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