
नेपाल में मंगलवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़ी तबाही मचाई है। बाढ़ के बाद 133 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई श्रद्धालु भी शामिल हैं। सैकड़ों लोग नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। बाढ़ की वजह से कई इलाकों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया है और संचार व्यवस्था ठप होने के कारण लापता लोगों की सही स्थिति का पता लगाने में मुश्किल आ रही है।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अलावा तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने अपने नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए यात्री थे, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। राहत और बचाव के बीच सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करने की है।
तमिलनाडु से नेपाल गए 57 पर्यटकों में से 37 का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, जबकि 20 लोगों से संपर्क हो चुका है। ये सभी हिमालय के एक मंदिर की तरफ जा रहे थे। इसी बीच कोयंबटूर की ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उसके 77 सदस्य एक इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद थे और उनका कोई अता-पता नहीं है। हालांकि संस्था के मुताबिक, उसके 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं। नेपाल सरकार ने भी बताया है कि जिस इमिग्रेशन दफ्तर में ये लोग मौजूद थे, उसका पूरा स्टाफ भी संपर्क से बाहर है।
कोलकाता से नेपाल गया 32 लोगों का एक समूह भी लापता है। यह दल 21 अगस्त को रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था। बुधवार सुबह यह टीम रसुवागढ़ी में तिब्बत जाने के लिए इमिग्रेशन दफ्तर में मौजूद थी, तभी बाढ़ आ गई। इसके बाद से किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है। मामले को देखते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय ने हेल्पलाइन जारी की है।
किसान नेता राकेश टिकैत भी अपने साथियों के साथ नेपाल के पोखरा में फंस गए थे। उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग से लौटना संभव नहीं है। ऐसे में वे फ्लाइट से काठमांडू और वहां से दिल्ली लौटेंगे, जबकि अपने वाहन वहीं छोड़ देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों के लिए टोल फ्री नंबर 1070 जारी किया है।
महाराष्ट्र के सात पर्यटकों के भी फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इनमें मुंबई और पुणे के चार लोगों से संपर्क हो चुका है, जबकि बाकी तीन से संपर्क करने की कोशिश जारी है। महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया है। दूसरी ओर, केरल के 36 पर्यटकों का दल सुरक्षित बताया गया है और यह समूह प्रभावित इलाकों से दूर है। केरल ने नोर्का-रूट्स के जरिए हेल्पडेस्क शुरू किया है। सिक्किम, ओडिशा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ सरकारों ने भी अपने नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और लोगों से जरूरत पड़ने पर संपर्क करने की अपील की है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए