हालात

विदेशी अंशदान पाने वाले NGO समाचार सामग्री प्रकाशित नहीं कर सकेंगे, गृह मंत्रालय ने FCRA के लिए नया नियम जोड़ा

गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा है कि उसने एफसीआरए के नियमों में संशोधन किया है और अब से विदेशी धन प्राप्त करने की अनुमति मांगने वाले एनजीओ को हलफनामा देना होगा कि वे वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के अच्छे आचरण संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे।

विदेशी अंशदान पाने वाले NGO समाचार सामग्री प्रकाशित नहीं कर सकेंगे, गृह मंत्रालय ने FCRA के लिए नया नियम जोड़ा
विदेशी अंशदान पाने वाले NGO समाचार सामग्री प्रकाशित नहीं कर सकेंगे, गृह मंत्रालय ने FCRA के लिए नया नियम जोड़ा फोटो: IANS

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एफसीआरए के लिए नियमों में संशोधन किया है, जिसमें कहा गया है कि प्रकाशन संबंधी गतिविधियों में लगे और विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोई समाचार पत्र या सामग्री प्रकाशित नहीं कर सकेंगे और उन्हें भारत के समाचार पत्रों के पंजीयक से यह प्रमाण पत्र लेना होगा कि वे कोई समाचार सामग्री प्रसारित नहीं करते हैं।केंद्र ने कहा है कि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकरण चाहने वाले एनजीओ को नए नियमों का पालन करना होगा।

गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि उसने एफसीआरए के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन किया है और अब से विदेशी धन प्राप्त करने की अनुमति मांगने वाले एनजीओ को यह हलफनामा देना होगा कि वे वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के अच्छे आचरण संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। एफएटीएफ आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन पर वैश्विक निगरानी संस्था है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि ऐसे निकाय या गैर सरकारी संगठन, जो पंजीकरण चाहते हैं, उन्हें पिछले तीन वित्तीय वर्षों के वित्तीय विवरण और लेखा परीक्षा रिपोर्ट संलग्न करनी होगी, जिसमें परिसंपत्तियों और देनदारियों का विवरण, प्राप्तियां और भुगतान खाता, तथा आय और व्यय खाता शामिल होगा।

यदि लेखा परीक्षा रिपोर्ट और वित्तीय विवरण में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के गतिविधि-वार व्यय शामिल नहीं हैं, तो एनजीओ द्वारा गतिविधि-वार व्यय की गई राशि को निर्दिष्ट करने वाला चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रमाण पत्र, आय और व्यय खाते और प्राप्ति और भुगतान खाते के साथ विधिवत मिलान किया जाना चाहिए।

यदि एसोसिएशन या एनजीओ प्रकाशन संबंधी गतिविधियों में शामिल है या यदि प्रकाशन गतिविधियां इसके उद्देश्यों में शामिल हैं, जैसा कि एसोसिएशन के ‘मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन’ या ट्रस्ट डीड में कहा गया है, तो एफसीआरए, 2010 के अनुपालन के संबंध में मुख्य पदाधिकारी से एक शपथ पत्र अवश्य लिया जाना चाहिए।

गृह मंत्रालय ने कहा कि यदि एसोसिएशन का प्रकाशन भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के पास पंजीकृत है, तो उसे भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक से ‘‘समाचारपत्र नहीं’’ होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि एनजीओ पहले एफसीआरए के तहत पंजीकृत था, तो उसे पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति या रद्द होने के बाद विदेशी अंशदान की प्राप्ति और उपयोग के संबंध में एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा।

इसमें कहा गया है कि यदि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लक्ष्यों और उद्देश्यों पर व्यय 15 लाख रुपये से कम है, तो पूंजी निवेश को शामिल करने के संबंध में एक हलफनामा प्रस्तुत किया जाना चाहिए। सरकार ने शर्त रखी है कि जो गैर सरकारी संगठन विदेशी अंशदान प्राप्त करने की अनुमति चाहते हैं, उन्हें दानकर्ता से एक प्रतिबद्धता पत्र संलग्न करना होगा, जिसमें पत्र में दी गई प्रतिबद्धता राशि दान की राशि से मेल खानी चाहिये। परियोजना रिपोर्ट का भी जिक्र करना होगा, जिसमें विदेशी अंशदान से होने वाले प्रस्तावित व्यय का विस्तृत ब्योरा शामिल होगा, तथा यह घोषणा भी होगी कि प्रशासनिक व्यय विदेशी अंशदान के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

विदेशी धन प्राप्त करने वाले सभी गैर सरकारी संगठनों को अनिवार्य रूप से एफसीआरए के तहत पंजीकृत कराना होगा और ऐसे धन का इस्तेमाल केवल उन्हीं उद्देश्यों के लिए करना होगा, जिनके लिए इसे प्राप्त किया गया है। सरकार ने कहा है कि विदेशी अंशदान प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले किसी भी संगठन के पास एक निश्चित सांस्कृतिक, आर्थिक, शैक्षिक, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि संगठन को केंद्र से अनुमति या पंजीकरण प्राप्त किए बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो प्राप्त करना चाहिए और न ही उसका इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • संयुक्त राष्ट्र बैठक से पहले अमेरिका की 'नो एंट्री', राष्ट्रपति पेजेश्कियन की टीम को वीजा देने से मना किया

  • ,
  • खेलः एशियन गेम्स में भारत की दोनों टेबल टेनिस टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची और गंभीर ने की अमित शाह से मुलाकात

  • ,
  • बड़ी खबर LIVE: 'अंधभक्त ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं', बिहार में लड़की से छेड़छाड़ पर भड़के राहुल गांधी

  • ,
  • बिहार के जमुई कांड पर भड़की कांग्रेस, कहा- शाम सात बजे के बाद कोई लड़की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?

  • ,
  • सिनेजीवनः रॉ संस्थापक काओ पर फिल्म बनाएंगे करण जौहर और बंगाली अभिनेत्री मिथु मुखर्जी का 71 साल की उम्र में निधन