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NSUI ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा, छात्रों की कानूनी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया

विनोद जाखड़ ने कहा कि गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है, इसलिए देश के छात्र अब अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हम छात्रों के साथ खड़े हैं और अमित शाह के इस्तीफे के लिए पूरे देश में आंदोलन करेंगे।

NSUI ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा, छात्रों की कानूनी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया
NSUI ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा, छात्रों की कानूनी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया फोटोः वीडियोग्रैब

कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं की गिरफ्तारी और उत्पीड़न पर मोदी सरकार को घेरा है। जाखड़ ने कहा कि हम 'छात्रों की गूंज' के माध्यम से सभी छात्रों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि नेता विपक्ष राहुल गांधी, एनएसयूआई और कांग्रेस पार्टी के सभी संगठन आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस और पार्टी का छात्र संगठन पेपर लीक के खिलाफ लड़ाई में छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

विनोद जाखड़ ने कहा कि हालिया प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों को कानूनी मदद मुहैया कराने के लिए एक हेल्पलाइन शुरु की गई है। जाखड़ ने कहा कि छात्र कानूनी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर- 9811867474 पर ‘मिस्ड कॉल’ दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस जरूरतमंद छात्रों को पूरी मदद मुहैया कराएगी।

एनएसयूआई अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश में 25 से अधिक छात्रों ने अपनी जान दे दी, लेकिन सरकार के प्रतिनिधि उनके परिवारों से मिलने तक नहीं पहुंचे, जो इस सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। न ही जहां इन छात्रों की मौत हुई वहां का कोई अधिकारी गया, न विधायक या सांसद गया। यह एक पूरी तरह से संवेदनहीन सरकार है, जिसमें न मानवता है, न ईमानदारी है।

जाखड़ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर दिल्ली में किये गए लाठीचार्ज और बर्बरता की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्र शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बात कर रहे थे, लेकिन उनपर लाठीचार्ज हुआ और बर्बरता की गई। हम इस घटना की कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं। जहां दिल्ली में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। वहीं बिहार में एके-47 से छात्रों पर गोलियां चलाई गईं और जिस छात्र को गोली लगी, वो अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है। हमारी मांग है कि छात्रों के साथ बर्बरता करने वालों पर सख्त एक्शन हो।

विनोद जाखड़ ने कहा कि मोदी सरकार ने वादा किया था कि हम छात्रों पर कोई एक्शन नहीं लेंगे, लेकिन दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, यूपी में छात्रों पर एफआईआर हो रही है। छात्रों के घरों में पुलिस दबिश दे रही है, उनके माता-पिता को परेशान किया जा रहा है। ये दिखाता है कि बीजेपी सरकार की कथनी-करनी में कितना फर्क है। छात्र समझ रहे हैं कि गन फायर का आदेश अमित शाह द्वारा दिया गया, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। पेपरलीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों को टारगेट किया जा रहा है। सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेटर लिखे गए हैं, ताकि उनकी आलोचना वाले पत्रकारों, यू-ट्यूबर्स के वीडियो डिलीट कराए जा सकें।

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एनएसयूआई की प्रमुख मांगों में से एक था, लेकिन संगठन की अन्य मांगें भी हैं। जाखड़ ने कहा कि देश पूछ रहा है एनटीए के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एनटीए के डीजी के खिलाफ अब तक एक्शन क्यों नहीं लिया गया? उन्होंने एनटीए को भंग करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, देश में परीक्षा कैलेंडर जारी करने और प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कठोर कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोली चलाने का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया है, इसलिए देश के छात्र अब अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हम छात्रों के साथ खड़े हैं और अमित शाह के इस्तीफे के लिए पूरे देश में आंदोलन करेंगे।

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ऋचा सिंह ने कहा कि बिहार में जिस तरह से पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता की, वह बेहद निंदनीय है। पटना यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष शांतनु शेखर जी समेत हमारे एनएसयूआई के कई साथियों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। कई महिला साथियों के यहां रात दो बजे पुलिस ने दबिश दी और घर की तलाशी ली गई। हमारे ऐसे सैकड़ों साथी हैं, जिनके परिजनों को यह नहीं पता कि उनके बच्चे कहां हैं और उन्हें कहां पर रखा गया है। इतना ही नहीं, प्रदर्शन में जाने वाली महिलाओं को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। सवाल है: क्या देश में महिला होकर अधिकारों के लिए आवाज उठाना गुनाह है? क्या इस देश में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना अपराध बन गया है?

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वहीं गुरमेहर कौर ने कहा कि हम स्टूडेंट्स पर हुए सभी हमलों की पूरी तरह से निंदा करते हैं। मोदी सरकार ने बातचीत के दौरान वादा किया था कि किसी भी स्टूडेंट को नहीं उठाया जाएगा और उनके खिलाफ कोई पुलिस एक्शन नहीं होगा। लेकिन आज, पटना, पश्चिम बंगाल और बिहार में स्टूडेंट्स के खिलाफ एफआईआर की एक लिस्ट है। छात्रों के लिए संदेश है कि हम यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और कांग्रेस, आपके साथ हैं। आप अकेले नहीं हैं, और आपको अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। अगर आपको लीगल नोटिस भेजा गया है, हिरासत में लिया गया है, पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा गया है, आपकी कोई सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी गई है, या किसी भी स्थिति में लीगल सपोर्ट की ज़रूरत है, तो कृपया हमारे CKG लीगल SOS से 9811867474 पर संपर्क करें।

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