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राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी नेता, याचिका दायर कर SIR पर रोक की मांग की

इससे पहले राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सप्रिया सुले, ममता बनर्जी, संजय राउत और अन्य विपक्षी नेताओं ने बाराखंभा रोड से उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च शुरू किया। बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता भी मार्च में शामिल हुए।

राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी नेता, याचिका दायर कर SIR पर रोक की मांग की
राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी नेता, याचिका दायर कर SIR पर रोक की मांग की फोटोः @INCIndia

‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया

विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं

राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेताओं ने याचिकाएं दायर की

चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर हस्तक्षेप की मांग की गई

राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने आज वोट चोरी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। मार्च के बाद विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर वोट चोरी के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत प्रमुख विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिकाओं में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।

राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेताओं ने याचिकाएं दायर की

राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी. राजा, माकपा महासचिव एम. ए. बेबी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता ई. टी. मोहम्मद बशीर समेत विपक्षी दलों के 10 नेताओं ने याचिकाएं दायर की हैं।

एसआईआर से जुड़े फैसलों के तरीके को चुनौती दी गई

इन याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) से जुड़े फैसलों के तरीके को चुनौती दी गई है। इसमें विवादित फैसलों से जुड़ी चुनाव आयोग की पूरी फाइलें, एजेंडा, बैठक के मिनट्स, नोटिंग और आपत्तियों का खुलासा करने की मांग की गई है। इनमें SIR शुरू करने का 24 जून, 2025 का फैसला और ECINET व ERONET के एक्सेस लॉग भी शामिल हैं। इनमें इस बात की न्यायिक जांच की भी मांग की गई है कि क्या ये फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयोग को नियंत्रित करने वाले 2023 के कानून और 'टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ' मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार लिए गए थे।

याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि किसी भी वोटर का नाम बिना नोटिस और सुनवाई का उचित मौका दिए न हटाया जाए। साथ ही, हटाए गए वोटरों की सूची बूथ-वार प्रकाशित करने और उसमें नाम हटाने के कारण और डेमोग्राफिक जानकारी शामिल करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है। इसमें ECINET और ERONET सहित वोटर लिस्ट डेटाबेस में नाम हटाने और बदलावों की ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की भी मांग की गई है।

देश में जारी SIR पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग

याचिका में मामले के निपटारे तक देश में चल रहे SIR पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है। याचिका में विशेष रूप से कोर्ट से मांग की गई है कि वह चुनाव आयोग को निर्देश दे कि वह यह सुनिश्चित करे कि स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न से जुड़ा चुनाव आयोग का हर फैसला 2023 के कानून के अनुसार लिया जाए और उसका विधिवत रिकॉर्ड (मिनट्स) रखा जाए। इसमें यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि कानून के अनुसार बिना नोटिस और सुनवाई का उचित मौका दिए वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम न हटाया जाए।

इससे पहले बीते एक हफ्ते से राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के मामले पर विरोध कर रहे ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में उच्चतम न्यायालय की तरफ मार्च किया। अवरोध लगाकर उन्हें रोक दिया। विपक्ष ने इस मार्च को ‘चलो दिल्ली-लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया था।

राहुल गांधी, विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया

राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सप्रिया सुले, ममता बनर्जी, संजय राउत और अन्य विपक्षी नेता कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बसों में बाराखंभा रोड पहुंचे। वहां से उन्होंने उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च शुरू किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं ने कुछ देर पैदल मार्च किया और एक ट्रक पर सवार होकर आगे बढ़े। बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता भी मार्च में शामिल हुए।

पैदल मार्च के दौरान प्रियंका गांधी के साथ वाम छात्र संगठन आइसा की प्रमुख नेहा बोरा नारेबाजी करते हुए चलती देखी गईं। नेहा पिछले कई दिनों से दिल्ली में जारी प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मार्च के दौरान विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर सड़कों और दीवारों पर प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लिख दिए। इस मार्च के बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता याचिका से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उच्चतम न्यायालय पहुंचे।

राहुल गांधी और खड़गे ने चीफ जस्टिस से समय मांगा था

मार्च से पहले राहुल गांधी ने कहा था कि विपक्षी दल उच्चतम न्यायालय जाकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करेंगे। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर निशाना साधा था। गांधी ने यह भी कहा था कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को लगातार उठाता रहेगा।

राहुल गांधी और खड़गे ने इससे पहले भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था, ताकि कथित ‘वोट चोरी’ सहित अन्य मुद्दों पर उन्हें ज्ञापन सौंपा जा सके। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने मुलाकात से इनकार करते हुए संकेत दिया कि संबंधित मुद्दे पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं।

वोट चोरी पर रोक, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा प्रमुख मांग

विपक्ष की प्रमुख मांगों में कथित ‘वोट चोरी’ पर रोक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया पर रोक शामिल है। विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर के दौरान करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने पिछले मंगलवार से चुनावों में धांधली और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन तेज कर रखा है। सोमवार का मार्च और उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल करना विपक्ष के इस अभियान को न्यायिक स्तर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।