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राहुल-प्रियंका गांधी को पुलिस ने किया डिटेन, धरने से हटाया, कांग्रेस ने कहा- सब याद रखा जाएगा

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं- उन्हें समझ आ गया है कि उनका चेला ज्ञानू बचेगा नहीं। इसलिए तानाशाही पर उतर आए हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे।

फोटो: PTI
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने करीब आठ घंटे बाद धरना स्थल, आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। चुनाव प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेता आकाशवाणी परिसर में मंगलवार दोपहर से ही धरने पर बैठे थे।

पुलिस रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को हिरासत में लेकर उन्हें बस में बैठाकर ले गयी।

इससे पहले, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कई सांसदों तथा नेताओं को हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं- उन्हें समझ आ गया है कि उनका चेला ज्ञानू बचेगा नहीं। इसलिए तानाशाही पर उतर आए हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे।

कांग्रेस ने कहा कि मोदी-शाह ने आकाशवाणी भवन में पुलिस भेज दी है, जो जबरन नेता विपक्ष राहुल गांधी और सांसदों को उठा रही है। मोदी पुलिसिया दमन के बल पर आवाज दबाना चाहते हैं, लेकिन याद रखें- अब ये हुंकार दबने वाली नहीं है, गद्दार ज्ञानेश को जाना होगा।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर गए और एक पेड़ के नीचे बैठ गए थे। विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाया जाए और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द किया जाए।

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